Live Updates
देश के युवा और किसान सड़कों पर हैं, लेकिन बातचीत करने के बजाय, भाजपा सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है: बलतेज पन्नूपुनर सुरजीत अकाली दल ने ‘वारिस पंजाब दे’ के साथ गठबंधन का किया ऐलान, पंथक एकता मजबूत करने पर जोरमोदी सरकार की बर्बरता के शिकार छात्रों के साथ खड़ी है आम आदमी पार्टी – केजरीवालपंजाब में मानसून फिर सक्रिय, 3 दिनों का ऑरेंज अलर्ट; क्या आज होगी बारिश?पंजाब में नशे की लत के ख़िलाफ़ मेथाडोन बना नया हथियार; 6 एमएमटी क्लीनिक शुरू, जल्द ही 6 और स्थापित किए जाएँगेसुनाम में मेगा रोजगार मेले में 562 युवाओं का नौकरियों के लिए चयन; विभिन्न कंपनियों ने 618 युवाओं को किया शॉर्टलिस्ट: अमन अरोड़ाजंतर-मंतर पर देश का लाखों युवा जमा है, सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उन पर लाठी चार्ज करवा रही है, ये ठीक नहीं है- केजरीवालदेश के युवा और किसान सड़कों पर हैं, लेकिन बातचीत करने के बजाय, भाजपा सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है: बलतेज पन्नूपुनर सुरजीत अकाली दल ने ‘वारिस पंजाब दे’ के साथ गठबंधन का किया ऐलान, पंथक एकता मजबूत करने पर जोरमोदी सरकार की बर्बरता के शिकार छात्रों के साथ खड़ी है आम आदमी पार्टी – केजरीवालपंजाब में मानसून फिर सक्रिय, 3 दिनों का ऑरेंज अलर्ट; क्या आज होगी बारिश?पंजाब में नशे की लत के ख़िलाफ़ मेथाडोन बना नया हथियार; 6 एमएमटी क्लीनिक शुरू, जल्द ही 6 और स्थापित किए जाएँगेसुनाम में मेगा रोजगार मेले में 562 युवाओं का नौकरियों के लिए चयन; विभिन्न कंपनियों ने 618 युवाओं को किया शॉर्टलिस्ट: अमन अरोड़ाजंतर-मंतर पर देश का लाखों युवा जमा है, सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उन पर लाठी चार्ज करवा रही है, ये ठीक नहीं है- केजरीवाल
1 min read

पंजाब द्वारा राजस्थान सरकार से दशकों से पानी के इस्तेमाल का 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया वसूला जायेगा – CM भगवंत सिंह मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राजस्थान सरकार के पास दशकों से बिना भुगतान किए पानी के उपयोग के लिए 1.44 लाख करोड़ रुपये की वसूली का दावा पेश किया जाएगा। उन्होंने साथ ही कहा कि राजस्थान को या तो पंजाब के जायज बकाए जारी करने चाहिए या पानी लेना बंद कर देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को संचालित करने वाले वर्ष 1920 के ऐतिहासिक समझौते की समीक्षा करने की मांग की।

 

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राजस्थान सरकार वर्ष 1960 से फिरोजपुर फीडर के जरिए निकाले गए पानी के लिए पंजाब को 1.44 लाख करोड़ रुपये की देनदार हैजिसके लिए एक पैसा भी अदा नहीं किया गया है। राजस्थान को या तो पंजाब का जायज बकाया जारी करना चाहिए या पानी लेना बंद करना चाहिए।”

 

उन्होंने कहा कि साल 1920 के दशक में बीकानेर रियासतसाझा पंजाब और ब्रिटिश राज के बीच हुए एक समझौते के अनुसार राजस्थान प्रति एकड़ के आधार पर पानी का भुगतान करने के लिए सहमत हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा, “साल 1960 तक भुगतान किए जाते थेलेकिन सिंधु जल समझौते के बाद राजस्थान ने लगातार 18,000 क्यूसेक पानी लेने के बावजूद भुगतान करना बंद कर दिया।”

 

राजस्थान के रुख में विरोधाभास का जिक्र करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज भीराजस्थान 1920 के समझौते के तहत पानी ले रहा हैलेकिन जब बकाए के भुगतान की बात आती है तो यह 1960 के समझौते का सहारा ले लेता है।”

 

उन्होंने आगे कहा, “उस समय की सरकारों ने 1960 में नई व्यवस्था में शामिल होते समय भुगतान का जिक्र नहीं कियालेकिन उन्होंने 1920 के समझौते को भी कभी रद्द नहीं किया।”

 

इस मामले में पिछले समय की कार्रवाइयों पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “समझौते में स्पष्ट रूप से हर 25 साल बाद समीक्षा को अनिवार्य किया गया थालेकिन पिछली सरकारों ने कभी भी इस मुद्दे को नहीं उठाया और न ही पंजाब के जायज दावे की पैरवी की।”

 

ऐतिहासिक संदर्भ को दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वर्ष 1920 में ब्रिटिश राज के दौरान बीकानेर के साथ हुए एक समझौते के तहत 1960 तक पंजाब का 18,000 क्यूसेक पानी लगातार सप्लाई किया जाता रहा। हालांकिसिंधु जल संधि के बाद इस समझौते का कोई जिक्र नहीं था। अगर हम 1960 से 2026 तक के बकाए का हिसाब लगाएं तो राजस्थान पंजाब का ₹1.44 लाख करोड़ बकाया है।”

 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हमने यह मुद्दा केंद्र सरकार और राजस्थान सरकारदोनों के पास उठाया है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने राजस्थान सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बैठक की मांग करने के लिए एक पत्र भी लिखा है।”

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब इस मामले को मजबूती से आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार साल 1920 के समझौते की समीक्षा की मांग करती है ताकि पंजाब अपने जायज बकाए की वसूली कर सके। हम इस मुद्दे को सभी मंचों पर जोरदार तरीके से उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब को वह मिलेजो उसका हक है। हम इस पैसे की वसूली के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *