Live Updates
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा किसानों के लिए ऐतिहासिक ऐलान, किसान क्रेडिट कार्ड की कर्ज सीमा में वृद्धिअंतरराष्ट्रीय कबड्डी स्टार आप में हुए शामिल, पार्टी की जन हितैषी नीतियों में जताया भरोसाकर्ज़ न चुका पाने वाले किसानों को राहत देने की तैयारी, पंजाब सरकार ला सकती है नई योजना5 जून तक फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी; बठिंडा रहा सबसे गर्मरणनीतिक स्थिति, मजबूत बुनियादी ढांचे और निवेशक-अनुकूल नीतियों के कारण पंजाब उत्तरी भारत के पसंदीदा निवेश स्थान के रूप में उभर रहा है : CM भगवंत सिंह मानDGP गौरव यादव द्वारा फील्ड यूनिटों को पूरे राज्य में पुलिस की मौजूदगी और गश्त बढ़ाने के निर्देशभगवंत मान सरकार ने चुनाव विभाग में प्रशासनिक अड़चनें समाप्त कीं, महत्वपूर्ण पदों को भरने का रास्ता हुआ आसानमुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा किसानों के लिए ऐतिहासिक ऐलान, किसान क्रेडिट कार्ड की कर्ज सीमा में वृद्धिअंतरराष्ट्रीय कबड्डी स्टार आप में हुए शामिल, पार्टी की जन हितैषी नीतियों में जताया भरोसाकर्ज़ न चुका पाने वाले किसानों को राहत देने की तैयारी, पंजाब सरकार ला सकती है नई योजना5 जून तक फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी; बठिंडा रहा सबसे गर्मरणनीतिक स्थिति, मजबूत बुनियादी ढांचे और निवेशक-अनुकूल नीतियों के कारण पंजाब उत्तरी भारत के पसंदीदा निवेश स्थान के रूप में उभर रहा है : CM भगवंत सिंह मानDGP गौरव यादव द्वारा फील्ड यूनिटों को पूरे राज्य में पुलिस की मौजूदगी और गश्त बढ़ाने के निर्देशभगवंत मान सरकार ने चुनाव विभाग में प्रशासनिक अड़चनें समाप्त कीं, महत्वपूर्ण पदों को भरने का रास्ता हुआ आसान
1 min read

पंजाब द्वारा राजस्थान सरकार से दशकों से पानी के इस्तेमाल का 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया वसूला जायेगा – CM भगवंत सिंह मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राजस्थान सरकार के पास दशकों से बिना भुगतान किए पानी के उपयोग के लिए 1.44 लाख करोड़ रुपये की वसूली का दावा पेश किया जाएगा। उन्होंने साथ ही कहा कि राजस्थान को या तो पंजाब के जायज बकाए जारी करने चाहिए या पानी लेना बंद कर देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को संचालित करने वाले वर्ष 1920 के ऐतिहासिक समझौते की समीक्षा करने की मांग की।

 

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राजस्थान सरकार वर्ष 1960 से फिरोजपुर फीडर के जरिए निकाले गए पानी के लिए पंजाब को 1.44 लाख करोड़ रुपये की देनदार हैजिसके लिए एक पैसा भी अदा नहीं किया गया है। राजस्थान को या तो पंजाब का जायज बकाया जारी करना चाहिए या पानी लेना बंद करना चाहिए।”

 

उन्होंने कहा कि साल 1920 के दशक में बीकानेर रियासतसाझा पंजाब और ब्रिटिश राज के बीच हुए एक समझौते के अनुसार राजस्थान प्रति एकड़ के आधार पर पानी का भुगतान करने के लिए सहमत हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा, “साल 1960 तक भुगतान किए जाते थेलेकिन सिंधु जल समझौते के बाद राजस्थान ने लगातार 18,000 क्यूसेक पानी लेने के बावजूद भुगतान करना बंद कर दिया।”

 

राजस्थान के रुख में विरोधाभास का जिक्र करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज भीराजस्थान 1920 के समझौते के तहत पानी ले रहा हैलेकिन जब बकाए के भुगतान की बात आती है तो यह 1960 के समझौते का सहारा ले लेता है।”

 

उन्होंने आगे कहा, “उस समय की सरकारों ने 1960 में नई व्यवस्था में शामिल होते समय भुगतान का जिक्र नहीं कियालेकिन उन्होंने 1920 के समझौते को भी कभी रद्द नहीं किया।”

 

इस मामले में पिछले समय की कार्रवाइयों पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “समझौते में स्पष्ट रूप से हर 25 साल बाद समीक्षा को अनिवार्य किया गया थालेकिन पिछली सरकारों ने कभी भी इस मुद्दे को नहीं उठाया और न ही पंजाब के जायज दावे की पैरवी की।”

 

ऐतिहासिक संदर्भ को दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वर्ष 1920 में ब्रिटिश राज के दौरान बीकानेर के साथ हुए एक समझौते के तहत 1960 तक पंजाब का 18,000 क्यूसेक पानी लगातार सप्लाई किया जाता रहा। हालांकिसिंधु जल संधि के बाद इस समझौते का कोई जिक्र नहीं था। अगर हम 1960 से 2026 तक के बकाए का हिसाब लगाएं तो राजस्थान पंजाब का ₹1.44 लाख करोड़ बकाया है।”

 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हमने यह मुद्दा केंद्र सरकार और राजस्थान सरकारदोनों के पास उठाया है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने राजस्थान सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बैठक की मांग करने के लिए एक पत्र भी लिखा है।”

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब इस मामले को मजबूती से आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार साल 1920 के समझौते की समीक्षा की मांग करती है ताकि पंजाब अपने जायज बकाए की वसूली कर सके। हम इस मुद्दे को सभी मंचों पर जोरदार तरीके से उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब को वह मिलेजो उसका हक है। हम इस पैसे की वसूली के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *