Live Updates
पंजाब में Swine Flu के 220 मामले, जालंधर में पहली संदिग्ध मौत; स्वास्थ्य विभाग की नजरबठिंडा से शुरू हुईं ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ की समाप्ति 29 नवंबर को पटियाला में होगी- भगवंत सिंह मानकोयले की भारी राष्ट्रीय कमी के कारण पंजाब में बिजली संकट गंभीर, उत्पादन 1,500 मेगावाट हुआ कम : तरुणप्रीत सिंह सोंधपंजाब की शिक्षा में बदलाव की कहानी सरकारी फाइलों में नहीं, बल्कि अध्यापकों द्वारा लिखी जा रही है: मनीष सिसोदिया‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ के सीजन-4 में पहली बार कोस्को क्रिकेट शामिल: मीत हेयरअकाली दल के कार्यालय में बुजुर्ग दलित महिला के साथ मारपीट के खिलाफ आप महिला विंग ने समराला में किया जोरदार विरोध प्रदर्शन51,979 नागरिकों की गुप्त सूचनाओं से पंजाब में नशा तस्करी से जुड़ी 25,339 गिरफ्तारियाँपंजाब में Swine Flu के 220 मामले, जालंधर में पहली संदिग्ध मौत; स्वास्थ्य विभाग की नजरबठिंडा से शुरू हुईं ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ की समाप्ति 29 नवंबर को पटियाला में होगी- भगवंत सिंह मानकोयले की भारी राष्ट्रीय कमी के कारण पंजाब में बिजली संकट गंभीर, उत्पादन 1,500 मेगावाट हुआ कम : तरुणप्रीत सिंह सोंधपंजाब की शिक्षा में बदलाव की कहानी सरकारी फाइलों में नहीं, बल्कि अध्यापकों द्वारा लिखी जा रही है: मनीष सिसोदिया‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ के सीजन-4 में पहली बार कोस्को क्रिकेट शामिल: मीत हेयरअकाली दल के कार्यालय में बुजुर्ग दलित महिला के साथ मारपीट के खिलाफ आप महिला विंग ने समराला में किया जोरदार विरोध प्रदर्शन51,979 नागरिकों की गुप्त सूचनाओं से पंजाब में नशा तस्करी से जुड़ी 25,339 गिरफ्तारियाँ
1 min read

भाई जसवंत सिंह खालड़ा मामला: राष्ट्रपति वीरता पदक वापस लेने की मांग, DSGMC ने CM मान को भेजा पत्र

भाई जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड को लेकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने पंजाब सरकार से बड़ी मांग की है। कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर मामले में दोषी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों को दिए गए राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक तत्काल वापस लेने की मांग की है।

DSGMC ने अपने पत्र में पूर्व एसएसपी अजीत सिंह संधू और पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह को दिए गए राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक रद्द करने की अपील की है। कमेटी का कहना है कि दोनों अधिकारी भाई जसवंत सिंह खालड़ा के अपहरण, यातना और हत्या के मामले में दोषी पाए जा चुके हैं, इसलिए उनके पास ऐसे राष्ट्रीय सम्मान बने रहना न्याय और कानून के सिद्धांतों के खिलाफ है।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने पत्र में कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन से जुड़े मामले में दोषी ठहराए गए अधिकारियों के पास आज भी वीरता पदक मौजूद हैं। उनका कहना है कि ऐसे सम्मान बनाए रखना न्याय व्यवस्था और जवाबदेही की भावना को कमजोर करता है।

कमेटी ने भाई जसवंत सिंह खालड़ा को मानवाधिकारों का निडर प्रहरी बताते हुए कहा कि उन्होंने हजारों लापता लोगों की सच्चाई सामने लाने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उनकी कुर्बानी आज भी पूरी दुनिया में मानवाधिकार और न्याय की लड़ाई लड़ने वालों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

DSGMC ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषी अधिकारियों से राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक वापस लिए जाएं, ताकि न्याय व्यवस्था और शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा की स्मृति का सम्मान कायम रखा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *