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UP: मुख्यमंत्री योगी का सख्त फैसला: तूफान और ओलावृष्टि से नुकसान पर तुरंत मदद पहुंचाने के आदेश।

UP में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम में आए अचानक बदलाव ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अधिकारी स्वयं क्षेत्रों का दौरा करें, स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी प्रभावित व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे।

राहत कार्यों में लापरवाही नहीं चलेगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह से सक्रिय रहना होगा। वर्षा, आँधी, ओलावृष्टि और वज्रपात जैसी घटनाओं से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाई जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। योगी सरकार के इस रवैये से स्पष्ट है कि राहत कार्यों को सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा।

फसलों को हुआ भारी नुकसान

आंधी और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को नष्ट कर दिया है।सीएम ने कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि 72 घंटे के भीतर नुकसान का आंकलन कर जिलाधिकारियों के माध्यम से शासन को रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि आगे की मुआवजा प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जा सके।

किसानों की चिंता बढ़ी

आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता सबसे अधिक देखने को मिल रही है। जिन किसानों ने अपनी फसल कटाई से ठीक पहले भारी मेहनत की थी, अब वे हताश हो रहे हैं। प्रदेश सरकार ने पहले से ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकृत किसानों को प्राथमिकता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि बिना देरी सर्वे करें और दावा निपटान की प्रक्रिया तेज करें।

डीएम और तहसील प्रशासन को मिले निर्देश

मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे जिला अधिकारियों को रात में ही अलर्ट जारी कर दिया गया। डीएम, एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी स्तर तक के अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे गांवों में जाकर पीड़ितों से संवाद करें। अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि राहत सामग्री जैसे तिरपाल, खाद्यान्न, जल की व्यवस्था, पशु चारा आदि को तेजी से वितरित करें और प्रत्येक गांव में सरकारी सहायता शिविर लगाए जाएं।

बिजली व्यवस्था और सड़क जाम की स्थिति पर भी नजर

तेज आंधी के कारण बिजली खंभों के गिरने और तार टूटने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में ट्रैफिक जाम और बिजली गुल होने की भी खबरें हैं। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग और लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया है कि जहां कहीं भी बिजली या सड़क बाधित हुई है, वहां तत्काल मरम्मत कार्य शुरू हो। किसी भी स्थान पर एंबुलेंस या राहत वाहन को बाधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

जनता से सीधा संवाद करने का सुझाव

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों से आग्रह किया है कि वे केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि जनता से सीधे संवाद करें, विशेष रूप से किसानों और ग्रामीणों से। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को भी राहत कार्यों में भाग लेना चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास शासन-प्रशासन में बना रहे।

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