Live Updates
पंजाब को धोखा देने के बाद राघव चड्ढा अब राज्य को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे: कुलदीप सिंह धालीवालCM भगवंत सिंह मान ने फसली अवशेषों के स्थायी प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए CII के साथ मिलकर काम करने की वकालत कीराघव चड्ढा ने फार्म 6 कब भरा, चुनाव आयोग सार्वजनिक करे- अनुराग ढांडाभाजपा को अलग यात्राएं निकालने के बजाय पंजाब में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ में शामिल होना चाहिए: बलतेज पन्नूकांग्रेस और राहुल गांधी को लाशों पर राजनीति करने की आदत हो गई है, पंजाब को ऐसी राजनीति पसंद नहीं: कुलदीप धालीवालपूरे देश में नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ने वाला पंजाब इकलौत राज्य- केजरीवालराहुल गांधी दिल्ली में बैठकर ‘एक्स’ पर राजनीतिक बयान देने के बजाय गांव में आकर ज़मीनी हकीकत देखें: बरिंदर कुमार गोयलपंजाब को धोखा देने के बाद राघव चड्ढा अब राज्य को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे: कुलदीप सिंह धालीवालCM भगवंत सिंह मान ने फसली अवशेषों के स्थायी प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए CII के साथ मिलकर काम करने की वकालत कीराघव चड्ढा ने फार्म 6 कब भरा, चुनाव आयोग सार्वजनिक करे- अनुराग ढांडाभाजपा को अलग यात्राएं निकालने के बजाय पंजाब में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ में शामिल होना चाहिए: बलतेज पन्नूकांग्रेस और राहुल गांधी को लाशों पर राजनीति करने की आदत हो गई है, पंजाब को ऐसी राजनीति पसंद नहीं: कुलदीप धालीवालपूरे देश में नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ने वाला पंजाब इकलौत राज्य- केजरीवालराहुल गांधी दिल्ली में बैठकर ‘एक्स’ पर राजनीतिक बयान देने के बजाय गांव में आकर ज़मीनी हकीकत देखें: बरिंदर कुमार गोयल
1 min read

Kedarnath Dham के कपाट खुले: 108 क्विंटल फूलों से सजा मंदिर, पहले ही दिन 10 हजार श्रद्धालु पहुंचे।

Kedarnath Dham के कपाट शुक्रवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही भक्तों ने मंदिर में जल रही अखंड ज्योति के दर्शन किए। इसके बाद रुद्राभिषेक, शिवाष्टक, शिव तांडव स्तोत्र और केदाराष्टक का पाठ किया गया।

मंदिर में सबसे पहले कर्नाटक के वीरशैव लिंगायत समुदाय के मुख्य पुजारी (रावल) भीमशंकर पहुंचे। इसके बाद बाबा केदार पर छह महीने पहले चढ़ाया गया भीष्म शृंगार हटाया गया।

मंदिर को 54 किस्म के 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। इसमें नेपाल, थाईलैंड और श्रीलंका जैसे विभिन्न देशों से लाए गए गुलाब और गेंदा के फूल शामिल हैं।

पहले दिन करीब 10 हजार लोग दर्शन के लिए पहुंचे। भीड़ मैनेज करने के लिए टोकन सिस्टम से दर्शन करवाए जा रहे हैं। भक्त अब अगले 6 महीने तक दर्शन कर सकेंगे।

जून से अगस्त के बीच मौसम ठीक रहा तो इस बार 25 लाख से ज्यादा लोगों के केदारनाथ धाम पहुंचने का अनुमान है।

30 अप्रैल (अक्षय तृतीया) से चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल गए हैं। बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खोले जाएंगे।

क्या है बाबा का भीष्म शृंगार, जिसे करने में 5 घंटे लगते हैं

पट खुलने के बाद भीष्म शृंगार हटाया जाएगा। यह प्रक्रिया भी दिलचस्प है। सबसे पहले शिवलिंग के पास रखे गए मौसमी फल और ड्राई फ्रूट्स का ढेर हटाते हैं। इसे आर्घा कहते हैं।

फिर बाबा पर चढ़ी एक से लेकर 12 मुखी रुद्राक्ष की मालाएं निकालते हैं। इसके बाद शिवलिंग पर चारों ओर लपेटा गया सफेद कॉटन का कपड़ा हटाया जाता है।

पट बंद करते समय शिवलिंग पर 6 लीटर पिघले हुए शुद्ध घी का लेपन करते हैं, जो इस वक्त जमा होता है, इसे धीरे-धीरे शिवलिंग से निकालते हैं।

इसके बाद होता है शिवलिंग का गंगा स्नान। गोमूत्र, दूध, शहद और पंचामृत स्नान के बाद बाबा केदार को नए फूलों, भस्म लेप और चंदन का तिलक लगाकर तैयार किया जाएगा।

कपाट बंद करते समय भीष्म शृंगार में करीब 5 घंटे लग जाते हैं, लेकिन कपाट खोलने के बाद इसे आधे घंटे में हटा दिया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *