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DIG Harcharan Singh Bhullar की Petition पर High Court में सुनवाई आज, CBI arrest को दी चुनौती

पंजाब पुलिस के DIG हरचरण सिंह भुल्लर ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। आज इस याचिका पर सुनवाई होगी। भुल्लर ने अपने वकीलों के माध्यम से दलील दी है कि उनकी गिरफ्तारी CBI के अधिकार क्षेत्र के बाहर हुई है और इसमें कानूनी नियमों का पालन नहीं किया गया।

याचिका में मुख्य दलीलें

भुल्लर की याचिका में चार बड़े मुद्दे उठाए गए हैं:

  1. अधिकार क्षेत्र का सवाल:
    भुल्लर का कहना है कि वह पंजाब में तैनात हैं। ऐसे में सीबीआई को पंजाब में केस दर्ज करने से पहले पंजाब सरकार से अनुमति लेना जरूरी था। उनका मानना है कि बिना अनुमति सीबीआई का केस दर्ज करना सही नहीं।
  2. सरकार की अनुमति बिना गिरफ्तारी नहीं:
    FIR और गिरफ्तारी पंजाब सरकार की अनुमति के बिना नहीं की जा सकती थी। जिस केस में 2023 से जुड़े मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया, वह पंजाब के सरहिंद थाना क्षेत्र से संबंधित है
  3. सामान रिकवर नहीं हुआ:
    चंडीगढ़ में जिन चीज़ों को रिकवर बताया गया, वे उनके पास से बरामद नहीं हुई।
  4. एक अपराध की दो FIR नहीं:
    भुल्लर ने कहा कि एक ही अपराध के लिए दो FIR दर्ज नहीं की जा सकतीं। CBI से पहले पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उसी मामले में FIR दर्ज कर दी थी।

मामले का पूरा इतिहास

  • 16 अक्टूबर 2025: CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को 8 लाख रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में मोहाली से गिरफ्तार किया।
  • इसके बाद उनके घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें करोड़ों की नकदी, सोना और संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए।
  • 19 अक्टूबर 2025: पंजाब सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया।
  • 29 अक्टूबर 2025: CBI ने उन पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दूसरी FIR दर्ज की।
  • इससे पहले पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भी उसी मामले में केस दर्ज किया था।
  • नवंबर 2025: अदालत ने उन्हें CBI की हिरासत में भेजा।

क्या है अब सवाल

भुल्लर की याचिका में मुख्य रूप से यह सवाल उठाया गया है कि क्या CBI ने पंजाब में गिरफ्तारी का अधिकार रखा और क्या पंजाब सरकार की अनुमति के बिना केस दर्ज करना सही था। इसके अलावा, यह भी सवाल है कि एक ही अपराध के लिए दो FIR दर्ज की जा सकती हैं या नहीं।

आज की सुनवाई में अदालत इस याचिका पर फैसला सुनाएगी, जो आगे की जांच और गिरफ्तारी प्रक्रिया पर बड़ा असर डाल सकता है।

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