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CM भगवंत मान के इनकार पर नायब सैनी ने जताई नाराजगी, कहा- ये राजनीतिक नहीं, पीने के पानी का मुद्दा है।

पंजाब CM भगवंत मान ने हरियाणा को पानी देने से इनकार कर दिया है, जिस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब दिया है.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा को पानी देने से इनकार कर दिया है. सीएम भगवंत मान का दावा है कि हरियाणा अपने हिस्से से ज्यादा पानी यानी 103 फीसदी पानी का इस्तेमाल कर चुका है. भगवंत मान ने हरियाणा की बीजेपी सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वे भाखरा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ट (BBMB) के जरिए पंजाब सरकार पर दबाव बना रहे हैं. इसपर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब दिया है.

सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा, “पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान आश्चर्यजनक है. वह इस विषय को राजनीतिक रंग दे रहे हैं. SYL का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में है. हालांकि, यह मुद्दा एसवाईएल का नहीं बल्कि पीने के पानी का है.”

‘हरियाणा को नहीं मिला अपने हिस्से का पानी’

सीएम नायब सिंह सैनी ने आंकड़े बताते हुए दावा किया, “हर साल अप्रैल से जून में बीबीएनबी हरियाणा को 9 हजार क्यूसेक पानी देता है. साल 2022 से 2024 तक इन तीनों महीनों में इससे कम पानी नहीं दिया गया है. इसमें दिल्ली का हिस्सा 500 क्यूसेक है, राजस्थान का 800 और पंजाब का 400 क्यूसेक है. ऐसे में हरियाणा के पास 6800 क्यूसेक पानी बचता है.”

‘तथ्यों से परे है भगवंत मान का बयान’- नायब सैनी

उन्होंने आगे कहा, “अब भगवंत मान दावा कर रहे हैं कि हरियाणा अपने हिस्से का पानी मार्च में ही उपयोग कर चुका है. यह बयान तथ्यों से परेस है. सच यह है कि हरियाणा को अब तक उसका हिस्सा मिला ही नहीं है.”

‘मेहमान भी आए तो पानी देकर करते हैं स्वागत’- नायब सैनी

सीएम सैनी ने कहा, “मान साहब, हमारी संस्कृति में है कि अगर हमारे घर पर कोई भी व्यक्ति आता है तो पानी पिला कर उसका स्वागत करते हैं. मैं इसलिए आपसे अनुरोध करता हूं कि आप अपनी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हरियाणा को पीने का पानी उपलब्ध कराएं.”

‘पाकिस्तान चला जाएगा पानी’

हरियाणा सीएम ने आगे कहा, “जून से पहले जल भंडार को खाली करना जरूरी होता है ताकि मॉनसून के दौरान बारिश के पानी को संग्रहित किया जा सके. अगर जल भंडार में जगह नहीं होगी तो अतिरिक्त पानी हरि के पतन के रास्ते पाकिस्तान चला जाएगा. यह न पंजाब के हित में है और न ही राष्ट्र के हित में. मान साहब, आपसे अनुरोध करता हूं कि संकीर्ण दृष्टिकोण से ऊपर उठकर राष्ट्र के हित में सहयोग करें और हरियाणा को उसके उचित पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें.”

‘भगवंत मान ने दिया था आश्वासन’- सीएम सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगे कहा, “यह कहना गलत होगा कि आज से पहले पंजाब या बीबीएमबी ने पानी का हिसाब नहीं रखा. एक-एक बूंद पानी का हिसाब, बीबीएमबी के साथ पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा की सरकारों के पास हर समय रहता है.”

उन्होंने दावा किया, “इस विषय पर 26 अप्रैल को सीएम भगवंत मान को फोन कर बात की थी और बताया था कि बीबीएनबी की कमेटी के निर्णय को मानने में पंजाब के अधिकारी आनाकानी कर रहे हैं. इसपर भगवंत मान ने आश्वासन दिया था कि शाम तक पानी छोड़ देंगे और फोन कर के बधाई भी देंगे, लेकिन अगले दिन क पंजाब के अधिकारियों ने कुछ नहीं किया. हरियाणा के अधिकारियों के फोन तक नहीं उठाए.”

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