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BJP के बिल पर Kejriwal का पलटवार – “झूठे केस करने वाले Ministers भी जाएं jail”

देश की राजनीति इस समय उस बिल को लेकर गरमाई हुई है, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई मुख्यमंत्री (CM) या मंत्री जेल चला जाता है तो उसे अपने पद से इस्तीफा देना होगा। इस पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला है।

केजरीवाल का हमला

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह को एक्स (Twitter) पर टैग करते हुए सवाल उठाया –

  • “अगर कोई मंत्री या मुख्यमंत्री झूठे केस में जेल जाता है और बाद में कोर्ट से निर्दोष निकलता है, तो उस पर झूठा केस करने वाले मंत्री को भी जेल क्यों न हो?”
  • “जो प्रधानमंत्री और मंत्री गंभीर मामलों के अपराधियों को अपनी पार्टी में शामिल कर उन्हें सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री बना देते हैं, क्या उन्हें भी अपने पद से इस्तीफा नहीं देना चाहिए? और उन्हें कितने साल जेल होनी चाहिए?”

केजरीवाल ने कहा कि उन्हें खुद राजनीतिक साज़िश के तहत जेल भेजा गया था, लेकिन फिर भी उन्होंने जेल से 160 दिन तक दिल्ली की सरकार चलाई। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान दिल्ली की जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।

“कम से कम उस वक्त बिजली नहीं जाती थी, पानी सही मिलता था, मोहल्ला क्लिनिक और अस्पतालों में फ्री दवाई और टेस्ट मिलते थे, स्कूलों की फीस पर कंट्रोल था। लेकिन भाजपा ने 7 महीने में ही सबकुछ बर्बाद कर दिया।” – केजरीवाल

प्रियंका कक्कड़ का बयान

AAP की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और अमित शाह पर जमकर हमला बोला।

  • उन्होंने कहा कि अमित शाह का यह बिल असल में विपक्षी नेताओं को तोड़ने और सरकारें गिराने का हथियार है।
  • “अगर कोई नेता भाजपा में शामिल हो जाए तो उसे मंत्री बना दिया जाएगा, और अगर शामिल न हो तो उसका पद छीन लिया जाएगा। यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।” – प्रियंका

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हिमंता बिस्वा शर्मा, शुभेंदु अधिकारी, प्रफुल पटेल, छगन भुजबल, हसन मुशर्रिफ जैसे नेताओं पर पहले भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे, लेकिन भाजपा में शामिल होते ही उनके केस रफ़ा-दफ़ा कर दिए गए और उन्हें सत्ता में बड़ा पद मिल गया।

“जेल वाली सरकार” बनाम “भाजपा सरकार”

प्रियंका कक्कड़ ने सीधा-सीधा तुलना करते हुए कहा –

  • “भाजपा राज में लोग घंटों बिजली कट से परेशान हैं, पानी की किल्लत है, नालों का पानी घरों में आ रहा है, स्कूलों की फीस बढ़ा दी गई है और अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा। इससे तो जेल से चल रही केजरीवाल की सरकार कहीं बेहतर थी, क्योंकि तब जनता के काम सही से हो रहे थे।”

एजेंसियों पर निशाना

प्रियंका ने केंद्र की जांच एजेंसियों पर भी बड़ा आरोप लगाया।

  • उन्होंने कहा कि भाजपा AAP नेताओं पर झूठे केस लगाती है लेकिन कोर्ट में सबूत नहीं दे पाती।
  • सुप्रीम कोर्ट तक ने कहा कि ED “क्रुक” है और CBI “बंद पिंजरे का तोता” है।
  • सत्येंद्र जैन केस में तो अब CBI ने क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

नया सुझाव

प्रियंका कक्कड़ ने मांग की कि इस बिल में एक प्रावधान और होना चाहिए –

“अगर कोई नेता निर्दोष साबित हो जाए तो जिसने झूठा केस दर्ज किया था, उसे भी उतनी ही सज़ा होनी चाहिए, जितना निर्दोष नेता जेल में रहा।”

AAP का साफ आरोप है कि भाजपा यह बिल सरकारें गिराने का वैध तरीका बनाना चाहती है। वहीं भाजपा इसे भ्रष्टाचार रोकने का कदम बता रही है। अब असली सवाल यही है कि –
क्या यह बिल भ्रष्टाचार रोकने के लिए है या फिर विपक्ष को कमजोर करने के लिए?

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