Live Updates
बादल का ‘धर्म युद्ध मोर्चा’ का ऐलान पंजाबियों को गुमराह करने के लिए सिर्फ़ एक राजनीतिक ड्रामा है: बलतेज पन्नूCM भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने NEET टॉपर आर्यन गुप्ता को दी बधाईPM मोदी बोले—यह 2014 से पहले वाला भारत नहीं, नया भारत हैदेश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को PM मोदी ने दिखाई हरी झंडीमानसून के दौरान बढ़ रही हैं बीमारियाँ , ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ पंजाब भर में समय पर कैशलेस इलाज सुनिश्चित कर रही हैमुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 2,800 नए राशन डिपो धारकों को लाइसेंस सौंपेने से अब पूरे पंजाब में घरों के नजदीक मिलेगा राशनई-20 पेट्रोल से देशभर के लोगों को अपने वाहनों में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मानबादल का ‘धर्म युद्ध मोर्चा’ का ऐलान पंजाबियों को गुमराह करने के लिए सिर्फ़ एक राजनीतिक ड्रामा है: बलतेज पन्नूCM भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने NEET टॉपर आर्यन गुप्ता को दी बधाईPM मोदी बोले—यह 2014 से पहले वाला भारत नहीं, नया भारत हैदेश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को PM मोदी ने दिखाई हरी झंडीमानसून के दौरान बढ़ रही हैं बीमारियाँ , ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ पंजाब भर में समय पर कैशलेस इलाज सुनिश्चित कर रही हैमुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 2,800 नए राशन डिपो धारकों को लाइसेंस सौंपेने से अब पूरे पंजाब में घरों के नजदीक मिलेगा राशनई-20 पेट्रोल से देशभर के लोगों को अपने वाहनों में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
1 min read

पंजाब में आज से धान की DSR तकनीक से बुआई की शुरुआत: 5 लाख एकड़ का लक्ष्य, किसानों को प्रति एकड़ ₹1500 की सहायता।

पंजाब में आज से धान की सीधी बुआई शुरू हो जाएगी। यह घोषणा सीएम भगवंत मान ने की। इस बार सरकार का नया लक्ष्य इस खरीफ सीजन में 5 लाख एकड़ में डीएसआर तकनीक से धान की बुआई करना है।

डीएसआर अपनाने वाले किसानों को सरकार 1500 रुपए प्रति एकड़ की आर्थिक मदद देगी। वहीं बासमती उगाने वाले किसान भी डीएसआर तकनीक की मदद लेकर 1500 रुपए प्रति एकड़ कमा सकते हैं। सरकार का दावा है कि इससे 15-20 फीसदी पानी की बचत होगी। वहीं, मजदूरी में भी 3500 रुपए प्रति एकड़ की कमी आएगी।

113 ब्लॉक डार्क जोन में, पानी की किल्लत

पंजाब सरकार के इस समय सबसे बड़ी दिक्कत पानी के नीचे गिरता जल स्तर है, जो बहुत बड़ी समस्या है। राज्य के 113 ब्लॉक डार्क जोन हैं। पानी 600 से 700 फुट नीचे चला गया है, जबकि पहले बीस से 25 मीटर पर आसानी से पानी मिल जाता था। ऐसे में सरकार पानी बचाने के लिए धान की सीधी बिजाई पर फोकस कर रही है।

सरकार की मानें तो 2024 में 2.53 लाख एकड़ में DSR अपनाया गया था, जो 2023 के मुकाबले 47% अधिक था। 2024 में 21,338 किसानों को ₹29.02 करोड़ की सहायता दी गई थी। जबकि DSR से किसानों को दोगुना लाभ मिलेगा। 15-20% तक पानी की बचत होगी, जबकि 3,500 प्रति एकड़ की मजदूरी लागत में कटौती होगी।

दो फीसदी चावल प्रयोग करता है पंजाब

पंजाब के खाने में चावल शामिल नहीं है। कुल उत्पादन का मात्र दो फीसदी से कम चावल का प्रयोग पंजाब के लोग खाने में करते हैं। जबकि शेष सारा उत्पादक केंद्रीय अनाज भंडार में देते हैं। हालांकि गत साल धान की लिफ्टिंग को लेकर किसानों को बड़ी मुश्किल उठानी पड़ी थी। गोदामों में जगह की कमी तक आ गई थी। इस बार भी ऐसी स्थिति बन सकती है। इसके लिए सरकार शुरू से ही केंद्र और राज्य सरकार के संपर्क में है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *