Live Updates
मोगा में नगर निगम चुनावों से पहले पुलिस का विशाल फ्लैग मार्च, सुरक्षा व्यवस्था कड़ीराष्ट्रपति भवन में आज होगा पद्म पुरस्कार समारोह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी सम्मानितपेट्रोल-डीजल की कीमतों ने तोड़े रिकॉर्ड, पंजाब में महंगाई का डबल झटकापंजाब के खिलाड़ियों ने दुनिया भर में तिरंगे का मान बढ़ाया, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा पुरस्कार और इनामी राशि से खिलाड़ियों का सम्मानNEET परीक्षा को लेकर अरविंद केजरीवाल की बड़ी अपील, छात्रों को मिले मुफ्त बस यात्रा सुविधापंजाब में 26 मई को सरकारी छुट्टी घोषित, नोटिफिकेशन जारीचंडीगढ़ में खेल पुरस्कार समारोह: CM भगवंत मान ने 87 खिलाड़ियों को किया सम्मानितमोगा में नगर निगम चुनावों से पहले पुलिस का विशाल फ्लैग मार्च, सुरक्षा व्यवस्था कड़ीराष्ट्रपति भवन में आज होगा पद्म पुरस्कार समारोह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी सम्मानितपेट्रोल-डीजल की कीमतों ने तोड़े रिकॉर्ड, पंजाब में महंगाई का डबल झटकापंजाब के खिलाड़ियों ने दुनिया भर में तिरंगे का मान बढ़ाया, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा पुरस्कार और इनामी राशि से खिलाड़ियों का सम्मानNEET परीक्षा को लेकर अरविंद केजरीवाल की बड़ी अपील, छात्रों को मिले मुफ्त बस यात्रा सुविधापंजाब में 26 मई को सरकारी छुट्टी घोषित, नोटिफिकेशन जारीचंडीगढ़ में खेल पुरस्कार समारोह: CM भगवंत मान ने 87 खिलाड़ियों को किया सम्मानित
1 min read

पंजाब के निजी स्कूलों पर हो सकता है बड़ा एक्शन, CBSE बोर्ड को भेजी गई शिकायत।

लुधियाना। जिले के स्कूलों में इन दिनों बोर्ड कक्षाओं को छोड़ अन्य सभी कक्षाओं की परीक्षाएं संपन्न होने के बाद रिजल्ट घोषणा का दोर चल रहा है। इसी बीच CBSE से जुड़े कई ऐसे स्कूल भी हैं जिन्होने बोर्ड के निर्देशों के बिल्कुल उल्ट जाकर मार्च में ही अपनी कक्षाएं शुरू करने की तैयारी कर ली है। यह भी मालूम हुआ है कि गांवों के कई स्कूलों ने तो नया सैशन शुरू भी कर लिया है।

हालांकि, इन दिनों स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, लेकिन कुछ स्कूलों द्वारा नया सत्र जल्द शुरू करने की पहल कई सवाल खड़े कर रही है। जानकारी के अनुसार, मार्च में ही नया सत्र शुरू करने वाले स्कूलों द्वारा छात्रों को भेजे गए सर्कुलर के आधार पर CBSE को शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

हालांकि, कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जो अप्रैल के पहले सप्ताह में ही नए सत्र की कक्षाएं शुरू करने की योजना बना रहे हैं। जानकारी के अनुसार, दो साल पहले CBSE ने एक सर्कुलर जारी कर सभी स्कूलों को अपने अकादमिक कैलेंडर का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए थे। इस सर्कुलर में साफ तौर पर कहा गया था कि नया अकादमिक सत्र हर वर्ष 1 अप्रैल से पहले किसी भी स्थिति में शुरू न किया जाए।

बोर्ड को पहले भी शिकायतें मिली थीं कि कुछ स्कूल अप्रैल से पहले, यानी मार्च में ही नया सत्र शुरू कर देते हैं, जिससे छात्रों पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है। CBSE द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया था कि समय से पहले नया सत्र शुरू करने से स्कूलों को कम समय में पूरा पाठ्यक्रम पूरा करने की कोशिश करनी पड़ती है, जिससे छात्रों को तनाव और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है।

CBSE ने सरकुर्लर जारी कर यह दिया था तर्क।

CBSE के मुताबिक स्कूलों की इस जल्दबाजी से बच्चों के पास लाइफ स्किल, वैल्यू एजुकेशन, हेल्थ और फिजिकल एजुकेशन, वर्क एजुकेशन और कम्यूनिटी सर्विस जैसी एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को करने के लिए बहुत कम या बिल्कुल समय नहीं है। जबकि ये एक्टिविटीज पढ़ाई के जितनी ही महत्वपूर्ण हैं। इसलिए स्कूलों को एकैडमिक सैशन 1 अप्रैल से 31 मार्च तक रखने के निर्देश जारी किए गए थे। बोर्ड के इन निर्देशों का 2 साल तो स्कूलों पर पूरा असर देखने को मिला लेकिन इस बार से कई स्कूलों ने फिर से अपना नया सैशन जल्दी शुरू करने की तैयारी कर ली। हालांकि कई स्कूल तो ऐसे हैं जिन्होने बोर्ड परीक्षाओं के बीच में ही नए सैशन की 10वीं और 12वीं की पढ़ाई शुरू कर दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *