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		<title>सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ी सभी FIR रद्द</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 12:01:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने 20 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द करने का आदेश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन प्रदर्शनकारियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने 20 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द करने का आदेश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन प्रदर्शनकारियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज संबंधित मामलों पर लागू होगा। अदालत ने कहा कि FIR रद्द करने का यह फैसला इस मामले के खास तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद काकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध मार्च भी वापस ले लिया है। संगठन की ओर से कहा गया कि केंद्र सरकार से मिले आश्वासन और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मार्च वापस लेने का निर्णय लिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया। अदालत ने साफ किया कि यह राहत इस शर्त पर दी जा रही है कि दोनों पक्ष अदालत के सामने हुए समझौते और दिए गए आश्वासनों का पूरी तरह पालन करेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">दरअसल, NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान कई प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। सरकार की ओर से 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में एक अंतरिम आवेदन दाखिल किया गया था, जिसमें इन मामलों को खत्म करने की मांग की गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार ने अपनी याचिका में कहा था कि 25 जुलाई के फैसले के बाद दिल्ली पुलिस प्रदर्शन से संबंधित 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। इसके बाद मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के पक्ष में यह बड़ा आदेश जारी किया।</p>
<p>इस फैसले के बाद प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है और फिलहाल जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े इन मामलों में दर्ज FIR को आगे बढ़ाने का रास्ता बंद हो गया है। हालांकि, आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को दी गई छूट इस आदेश में शामिल नहीं है।</p>
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		<title>1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने पूरे पंजाब में किया विरोध प्रदर्शन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 11:32:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने मंगलवार को लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और बठिंडा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन सांसद रामवीर बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया और कमलजीत सेहरावत के 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार की याद में श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा सांसदों के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने मंगलवार को लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और बठिंडा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन सांसद रामवीर बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया और कमलजीत सेहरावत के 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार की याद में श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा सांसदों के शामिल होने की कड़ी निंदा करते हुए आप नेताओं ने कहा कि 1984 का नरसंहार सिख परिवारों के लिए एक ऐसा ज़ख्म है जो भरा नहीं है और सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने से सिख समुदाय की भावनाओं को गहरा ठेस पहुंची है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप ने मांग की कि भाजपा अपने तीनों सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करे। पार्टी ने सवाल किया कि जिम्मेदार सरकारी पदों पर बैठे चुने हुए प्रतिनिधि 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी व्यक्ति के घर जाकर उसे श्रद्धांजलि कैसे दे सकते हैं?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अमृतसर में आप कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद तरुण चुघ के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और उनके घर को घेरने की कोशिश की। पुलिस ने भारी बैरिकेड्स और सुरक्षा बल तैनात किए थे, ताकि प्रदर्शन करने वाले घर तक न पहुंच सकें।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आप विधायक जीवन जोत कौर ने कहा, &#8220;1984 का नरसंहार सिख परिवारों के लिए एक गहरा और कभी न भरने वाला घाव है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बार-बार पंजाब और सिख समुदाय के हितों के खिलाफ काम किया है। भाजपा नेता ऐसे व्यक्ति को कैसे सम्मान दे सकते हैं जिसका नाम 1984 के नरसंहार से जुड़ा हो?&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जीवन जोत कौर ने आगे कहा, &#8220;सज्जन कुमार की याद में भाजपा नेताओं की मौजूदगी पीड़ितों के परिवारों के लिए बहुत दुखदायी है जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, वे आज भी उस दुखद घटना के दर्द से पीड़ित हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जालंधर में आप विधायक बलकार सिंह ने कहा, &#8220;1984 के घल्लूघारा नरसंहार ने सिख समुदाय के मन में बहुत दर्दनाक यादें छोड़ी हैं। बेगुनाह सिखों की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उनके परिवार दशकों से पीड़ित हैं। ऐसे समय में, सज्जन कुमार की याद में भाजपा के सीनियर नेताओं की मौजूदगी दिखाती है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर भाजपा का क्या स्टैंड है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप विधायक ने कहा, &#8220;भाजपा और शिरोमणि अकाली दल को पंजाब के ज़ख्मों पर राजनीति करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के परिवारों के दर्द का इस्तेमाल राजनीतिक फ़ायदे के लिए नहीं किया जा सकता।&#8221;</p>
<p>लुधियाना में आप नेताओं, विधायक, पार्षदों, चेयरमैन, डायरेक्टरों और पार्टी के पदाधिकारियों ने सज्जन कुमार के अंतिम संस्कार/श्रद्धांजलि समारोह में भाजपा के तीन सांसदs के शामिल होने का विरोध किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>लुधियाना ईस्ट से विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा, &#8220;पंजाब गुरुओं, संतों और शहीदों की धरती है। पंजाबी 1984 के नरसंहार से प्रभावित सिख परिवारों के दर्द को चोट पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>दलजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा, &#8220;सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने में भाजपा सांसदों के शामिल होने से पीड़ित परिवारों का दिल और टूट गया है। भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब के खिलाफ राजनीतिक रूप से हाथ मिला लिया है, लेकिन पंजाब के लोग ऐसी राजनीति कभी स्वीकार नहीं करेंगे।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बठिंडा में, आप कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा के खिलाफ जोरदार नारे लगाए, पार्टी पर 1984 के नरसंहार से जुड़े लोगों के करीब होने का आरोप लगाया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप कार्यकर्ताओं ने मांग की कि भाजपा रामवीर बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया और कमलजीत सेहरावत के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप नेताओं ने कहा, &#8220;1984 के सिख विरोधी दंगे हजारों परिवारों के लिए अब भी ऐसे घाव हैं जो भरे नहीं हैं।&#8221; &#8220;आम आदमी पार्टी पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए न्याय और सम्मान के लिए अपनी आवाज़ उठाती रहेगी। उनके दर्द और भावनाओं को नज़रअंदाज़ करने की किसी भी कोशिश का पूरी तरह से विरोध किया जाएगा।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप पंजाब के नेताओं ने दोहराया कि पार्टी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहेगी और न्याय, दया और जवाबदेही के लिए लड़ती रहेगी।</p>
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		<title>पंजाब में अगस्त में भी मानसून रहा कमजोर, सामान्य से 39% कम बारिश; अब 2 से 4 सितंबर तक अलर्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 07:29:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में इस साल मानसून का प्रदर्शन लगातार निराशाजनक बना हुआ है। अगस्त का महीना भी बारिश के लिहाज से प्रदेश के लिए सूखा रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में पंजाब में सामान्य तौर पर 146.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस बार केवल 88.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यानी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">पंजाब में इस साल मानसून का प्रदर्शन लगातार निराशाजनक बना हुआ है। अगस्त का महीना भी बारिश के लिहाज से प्रदेश के लिए सूखा रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में पंजाब में सामान्य तौर पर 146.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस बार केवल 88.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यानी पूरे महीने में सामान्य से करीब 39 प्रतिशत कम बारिश हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">जून से अगस्त तक भी पंजाब में बारिश की कमी लगातार बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 1 जून से 31 अगस्त के बीच पंजाब में सामान्य 362.1 मिलीमीटर बारिश के मुकाबले केवल 230.5 मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान प्रदेश में करीब 36 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। लगातार कम बारिश के कारण खेती, मिट्टी की नमी और भूजल स्तर को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">31 अगस्त को भी पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। केवल पठानकोट में 3.5 मिलीमीटर और थीन बांध क्षेत्र में 1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, राज्य का औसत अधिकतम तापमान पिछले दिन के मुकाबले 0.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा, लेकिन यह अभी भी सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक बना हुआ है। फरीदकोट में सबसे अधिक 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>आज नहीं, लेकिन 2 सितंबर से बदल सकता है मौसम</strong></p>
<p class="isSelectedEnd">1 सितंबर को पंजाब में किसी तरह की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश से सटे कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">2 सितंबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और साहिबजादा अजीत सिंह नगर में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">3 सितंबर को बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में भारी बारिश की चेतावनी रहेगी। वहीं, अन्य जिलों में हल्की बारिश होने के आसार हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">4 सितंबर को भी पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>38 डिग्री के पार पहुंचा तापमान</strong></p>
<p class="isSelectedEnd">मौसम विभाग के 31 अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में औसत अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस कम हुआ, लेकिन सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक बना रहा। फरीदकोट 38.8 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">पटियाला में 35.7 डिग्री, अमृतसर में 35.5 डिग्री, चंडीगढ़ और लुधियाना में 35 डिग्री, मोहाली में 34.1 डिग्री और जालंधर में 32.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर और पूर्वी पंजाब में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे लंबे समय से बारिश की कमी झेल रहे इलाकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मानसून के दौरान अब तक हुई भारी कमी को देखते हुए कुछ दिनों की बारिश से प्रदेश की कुल स्थिति में बड़ा बदलाव आने की संभावना कम है।</p>
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		<title>मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सेप्सिस और सेप्टिक शॉक के 12,467 उपचारों को ₹51.58 करोड़ की वित्तीय सहायता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 07:20:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[शुरुआत में सामान्य लगने वाला संक्रमण, सेप्सिस और सेप्टिक शॉक में बदलने पर कुछ ही घंटों में जानलेवा हो सकता है। &#160; पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत 01 सितंबर तक सेप्सिस और सेप्टिक शॉक के 12,467 उपचार दर्ज किए गए हैं, जिन पर ₹51.58 करोड़ की राशि ख़र्च हुई है। यह आंकड़ा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शुरुआत में सामान्य लगने वाला संक्रमण, सेप्सिस और सेप्टिक शॉक में बदलने पर कुछ ही घंटों में जानलेवा हो सकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत 01 सितंबर तक सेप्सिस और सेप्टिक शॉक के 12,467 उपचार दर्ज किए गए हैं, जिन पर ₹51.58 करोड़ की राशि ख़र्च हुई है। यह आंकड़ा इस स्थिति से जुड़े चिकित्सा और वित्तीय बोझ, दोनों को दर्शाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इनमें से, सीवियर सेप्सिस के 10,961 उपचारों पर ₹44.33 करोड़, जबकि सेप्टिक शॉक के 1,506 उपचारों पर ₹7.25 करोड़ ख़र्च हुए। अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन(CDC) के अनुसार, सेप्सिस संक्रमण के प्रति शरीर की अत्यधिक प्रतिक्रिया है, जो तेज़ी से ऊतकों (टिश्यूज) को नुकसान, अंगों के काम करना बंद करने और मृत्यु का कारण बन सकती है। लगभग किसी भी प्रकार का संक्रमण सेप्सिस को ट्रिगर कर सकता है। फेफड़ों, यूरिनरी ट्रैक्ट, त्वचा और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के संक्रमण इसके सामान्य स्रोतों में शामिल हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सेप्सिस केवल एक संक्रमण नहीं है। जब संक्रमण के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया अनियंत्रित हो जाती है, तो अंगों के कामकाज में गड़बड़ी शुरू हो सकती है। गंभीर मामलों में रक्तचाप कम होने और रक्त प्रवाह पर्याप्त न रहने की स्थिति सेप्टिक शॉक में बदल सकती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने समय पर पहचान के महत्त्व पर ज़ोर देते हुए कहा, “सेप्सिस धीरे-धीरे अधिक गंभीर रूप ले सकता है। जब इसके कारण रक्त संचार संबंधी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न होती हैं और महत्त्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त रक्त प्रवाह नहीं पहुँचता, तो मरीज़ सेप्टिक शॉक की स्थिति में पहुँच सकता है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सेप्टिक शॉक से पीड़ित मरीज़ों को गहन चिकित्सा देखभाल, इंट्रावेनस फ्लूइड्स, एंटीबायोटिक्स, रक्तचाप को बनाए रखने वाली दवाएँ , ऑक्सीजन या मैकेनिकल वेंटिलेशन और कुछ मामलों में काम करना बंद कर रहे अंगों के लिए सहायक उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे उपचार का ख़र्च तेज़ी से बढ़ सकता है, जिससे परिवारों के लिए वित्तीय सुरक्षा विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हो जाती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री सेहत योजना पात्र परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है, जिससे गंभीर उपचार के दौरान वित्तीय बाधा को कम करने में मदद मिलती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>योजना के तहत सेप्सिस के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि जब उपचार की ज़रूरत तेज़ी से बढ़ती है, तब ऐसी वित्तीय सुरक्षा परिवारों के लिए कितनी महत्त्वपूर्ण हो सकती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह ख़तरा नवजात शिशुओं में विशेष रूप से गंभीर होता है। गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट के बाल रोग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. शशि कांत धीर ने कहा कि नवजात शिशु के व्यवहार में होने वाले मामूली बदलावों को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “नवजात शिशुओं में व्यवहार में छोटा-सा बदलाव भी एक महत्त्वपूर्ण चेतावनी संकेत हो सकता है।” उन्होंने बताया कि समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले शिशुओं की स्थिति कुछ ही घंटों में तेज़ी से बिगड़ सकती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>दूध पीने/पोषण लेने में कमी, असामान्य रूप से अधिक नींद आना, शरीर का ठंडा महसूस होना और साँस लेने में बदलाव नवजात शिशु में गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं और ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय जाँच आवश्यक है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जब बैक्टीरियल संक्रमण की आशंका हो या इसकी पुष्टि हो जाए, तब एंटीबायोटिक्स आवश्यक होते हैं, लेकिन इनका अनुचित इस्तेमाल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को बढ़ावा दे सकता है। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक्स लेना, बची हुई एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करना या उपचार बीच में रोक देना संक्रमण का इलाज मुश्किल बना सकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सेंटर्स फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, भ्रम की स्थिति, साँस लेने में कठिनाई, अत्यधिक दर्द या बेचैनी, बुख़ार या शरीर का असामान्य रूप से कम तापमान, चिपचिपी त्वचा और तेज़ हृदय गति ऐसे चेतावनी संकेतों में शामिल हैं, जिनमें तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसलिए सेप्सिस से निपटने के लिए दो मोर्चों पर तेज़ी से कार्रवाई ज़रूरी है—समय पर चिकित्सकीय पहचान और उपचार तथा अत्यधिक स्वास्थ्य ख़र्च से वित्तीय सुरक्षा। मुख्यमंत्री सेहत योजना के आंकड़े इस स्थिति के वित्तीय बोझ के पैमाने को दर्शाते हैं, जबकि चिकित्सकीय संदेश स्पष्ट है: संक्रमण से पीड़ित मरीज़ की स्थिति अचानक बिगड़ने पर देरी से इलाज की कीमत केवल पैसे के रूप में नहीं, बल्कि उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण—एक जीवन के रूप में चुकानी पड़ सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>ASAP उम्मीदवार हरमनप्रीत सिंह खोखर ईवनिंग डिपार्टमेंट प्रधान चुने गए; स्टूडेंट फ्रंट दूसरे, एबीवीपी तीसरे नंबर पर रहा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 05:36:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट चुनाव में एसोसिएशन ऑफ़ स्टूडेंट्स फ़ॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी) एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है। इसके कैंडिडेट्स और अलायंस पार्टनर्स ने 8 में से 6 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिसमें ईवनिंग डिपार्टमेंट में प्रधान, उप-प्रधान और जनरल सेक्रेटरी के अहम पद शामिल हैं। एएसएपी के हरमनप्रीत सिंह खोखर प्रधान चुने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट चुनाव में एसोसिएशन ऑफ़ स्टूडेंट्स फ़ॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी) एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है। इसके कैंडिडेट्स और अलायंस पार्टनर्स ने 8 में से 6 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिसमें ईवनिंग डिपार्टमेंट में प्रधान, उप-प्रधान और जनरल सेक्रेटरी के अहम पद शामिल हैं। एएसएपी के हरमनप्रीत सिंह खोखर प्रधान चुने गए, जबकि यूएसओ-एएसएपी अलायंस के जोबनप्रीत सिंह सोही उप-प्रधान और एसओपीयू-एएसएपी अलायंस की सविताज़ कौर जनरल सेक्रेटरी बनीं, जिससे एएसएपी की लीडरशिप वाले अलायंस को एक अहम जीत मिली। स्टूडेंट फ्रंट दूसरे और एबीवीपी तीसरे स्थान पर रहा, जबकि मॉर्निंग डिपार्टमेंट प्रधान चुनाव में एएसएपी ने भी दूसरा स्थान हासिल किया।</p>
<p>इस नतीजे से ईवनिंग डिपार्टमेंट में एएसएपी का मज़बूत प्रदर्शन पता चलता है, जिसमें हरमनप्रीत सिंह खोखर ने प्रधान के मुकाबले में टॉप स्थान हासिल किया। स्टूडेंट फ्रंट दूसरे स्थान पर रहा, जबकि एबीवीपी प्रधान पद की रेस में तीसरे स्थान पर रही।</p>
<p>हरमनप्रीत सिंह खोखर की प्रधान के तौर पर जीत, जोबनप्रीत सिंह की उप-प्रधान के तौर पर जीत और सविताज़ कौर की जनरल सेक्रेटरी के तौर पर जीत ने एएसएपी के पैनल को ईवनिंग डिपार्टमेंट में प्रमुख पदों पर अहम जगह दिलाई।</p>
<p>यह नतीजा पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में मॉर्निंग डिपार्टमेंट के चुनाव के नतीजों के बाद और भी अहम हो जाता है, जहाँ एएसएपी पैनल प्रधान पद के मुकाबले में एबीवीपी से हारने के बाद दूसरे नंबर पर रहा था। हालाँकि, एएसएपी ने ईवनिंग डिपार्टमेंट में ज़बरदस्त जवाब दिया, प्रधानगी चुनाव के साथ-साथ अन्य प्रमुख पदों पर शानदार जीत दर्ज की।</p>
<p>ईवनिंग डिपार्टमेंट में, एएसएपी पैनल के सफल उम्मीदवार थे:<br />
* प्रधान: हरमनप्रीत सिंह खोखर — एएसएपी<br />
* उप-प्रधान: जोबनप्रीत सिंह — यूएसओ, एएसएपी के साथ अलायंस में<br />
* जनरल सेक्रेटरी: सविताज़ कौर — एसओपीयू, एएसएपी के साथ अलायंस में</p>
<p>पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में मॉर्निंग डिपार्टमेंट के नतीजों में भी एएसएपी अलायंस ने दो महत्वपूर्ण पद जीतीं। एएसएपी के साथ अलायंस में पीयूडीएफ के अरमान भिंडर ने उप-प्रधान पद जीती, जबकि एएसएपी के साथ अलायंस में इंडिपेंडेंट के तौर पर चुनाव लड़ रहे विशाल बामल ने जॉइंट सेक्रेटरी पद जीती।</p>
<p>मॉर्निंग डिपार्टमेंट के नतीजे थे:<br />
* उप-प्रधान: अरमान भिंडर — पीयूडीएफ, एएसएपी के साथ अलायंस में<br />
* जॉइंट सेक्रेटरी: विशाल बामल — इंडिपेंडेंट, एएसएपी के साथ अलायंस में</p>
<p>मॉर्निंग और ईवनिंग डिपार्टमेंट चुनाव के दोनों नतीजे कैंपस राजनीति में एएसएपी की बढ़ती ऑर्गेनाइज़ेशनल प्रेजेंस को दिखाते हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में मॉर्निंग डिपार्टमेंट में प्रधान पद के चुनाव में ऑर्गनाइज़ेशन को झटका लगा, लेकिन ईवनिंग डिपार्टमेंट में प्रधान पद के लिए हरमनप्रीत सिंह खोखर की जीत समेत अहम परफॉर्मेंस ने सपोर्ट को मज़बूत करने और मज़बूत वापसी करने की उसकी समर्था को साबित किया।</p>
<p>इन जीतों ने ईवनिंग डिपार्टमेंट में एएसएपी की लीडरशिप वाली मौजूदगी को और मज़बूत किया है। स्टूडेंट फ्रंट और एबीवीपी, जो प्रधान पद के चुनाव में एक के बाद एक दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे, के परफॉर्मेंस ने भी आखिरी चुनावी नतीजे तय किए।</p>
<p>मुख्य पदों पर जीत और अलायंस पार्टनर्स को और पद मिलने के साथ, एएसएपी हाल के स्टूडेंट चुनाव से मज़बूत पकड़ और स्टूडेंट राजनीति में नई तेज़ी के साथ उभरा है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>भगवंत मान सरकार अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स के आदेशों का पालन करेगी: हरपाल सिंह चीमा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 05:21:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राजा वड़िंग के खिलाफ नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स (एनसीएससी) द्वारा हाल ही में जारी आदेशों के बारे में बात करते हुए कहा, उन्होंने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राजा वड़िंग के खिलाफ नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स (एनसीएससी) द्वारा हाल ही में जारी आदेशों के बारे में बात करते हुए कहा, उन्होंने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि तरनतारन उपचुनाव के दौरान पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने देश के पूर्व गृह मंत्री स्वर्गीय बूटा सिंह के रंग को लेकर बहुत ही आपत्तिजनक, जातिसूचक और भद्दी टिप्पणी की थी। यह मामला लंबे समय से लंबित था, जिस पर आज राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए राजा वड़िंग के खिलाफ आदेश जारी किए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार आयोग के आदेशों का पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ पालन करेगी। उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ कानून के अनुसार जो भी कानूनी कार्रवाई की जरूरत होगी, वह बिना किसी दबाव के की जाएगी। अगर जांच और प्रक्रिया के तहत उनकी गिरफ्तारी की जरूरत हुई, तो पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में संकोच नहीं करेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चीमा ने कड़े शब्दों में कहा कि समाज में नस्लीय भेदभाव, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और दलित समुदाय का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसी घटिया मानसिकता वाले लोगों के लिए पंजाब में कोई जगह नहीं है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हरपाल चीमा ने कहा कि पंजाब हमारे महान गुरुओं, पीरों और संतों की पवित्र भूमि है, जिन्होंने हमेशा समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया है। कांग्रेस नेता यहां नफरत और जहर के बीज बोने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे पंजाब के लोग और हमारी सरकार कभी स्वीकार नहीं करेगी। कानून अपना काम करेगा और दलित समुदाय का अपमान करने वालों को सजा मिलेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>पंजाब में दशकों बाद पहली बार भूजल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई: बरिंदर कुमार गोयल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 05:13:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज बताया कि राज्य के भूजल स्तर में बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा जारी 2026 के ताजा आकलन के अनुसार दशकों बाद पहली बार राज्य में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि भूजल के दोहन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज बताया कि राज्य के भूजल स्तर में बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा जारी 2026 के ताजा आकलन के अनुसार दशकों बाद पहली बार राज्य में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि भूजल के दोहन की दर वर्ष 2022 के 164 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2026 में 152.22 प्रतिशत रह गई है, जबकि आकलन किए गए अति-शोषित ब्लॉकों की संख्या 117 से घटकर 110 हो गई है और सुरक्षित ब्लॉकों की संख्या 17 से बढ़कर 20 हो गई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यहां पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, &#8220;केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा जारी ताजा आकलन में दर्ज किया गया सुधार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा नहरी पानी को खेतों तक पहुंचाकर भूजल संरक्षण के लिए किए जा रहे ठोस प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जल संसाधन मंत्री ने कहा कि ताजा भूजल आंकड़े हमारे प्रयासों के महत्व को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, &#8220;भूजल निकालने की वार्षिक दर वर्ष 2022 के 28.02 बिलियन क्यूबिक मीटर (बी.सी.एम.) से घटकर वर्ष 2026 में 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर (बी.सी.एम.) रह गई है, जबकि भूजल के समग्र स्तर में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, &#8220;यह पंजाब के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। दशकों से भूजल स्तर में लगातार गिरावट आ रही थी। यह पहली बार है कि हमने इसमें वृद्धि दर्ज की है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि पंजाब में भूजल संबंधी 153 ब्लॉकों को सुरक्षित, अर्ध-गंभीर, गंभीर और अति-शोषित ब्लॉकों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। उन्होंने बताया, &#8220;ताजा आकलन के अनुसार पहले अति-शोषित और गंभीर श्रेणी में आने वाले कई ब्लॉकों में पानी के स्तर में सुधार हुआ है और वे बेहतर श्रेणियों में आ गए हैं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पानी के स्तर में हुए सुधार के बारे में जानकारी देते हुए जल संसाधन मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 की तुलना में 14 ब्लॉक बेहतर श्रेणी में आ गए हैं, जिनमें से चार ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में आए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार फाजिल्का का अर्नीवाला शेख सुभानपुर अर्ध-गंभीर से सुरक्षित श्रेणी में आ गया है और इस क्षेत्र में वर्ष 2025 के दौरान भूजल निकालने की दर 73.34 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2026 में 64.38 प्रतिशत हो गई है। फिरोजपुर का मखू अर्ध-गंभीर से सुरक्षित श्रेणी में आ गया है और यहां भूजल निकालने की दर 77.85 प्रतिशत से घटकर 66.82 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह होशियारपुर का हाजीपुर अर्ध-गंभीर से सुरक्षित श्रेणी में आ गया है और यहां पानी निकालने की दर 81.67 प्रतिशत से घटकर 62.16 प्रतिशत रह गई है, जबकि पठानकोट का नरोट जैमल सिंह अर्ध-गंभीर से सुरक्षित श्रेणी में आ गया है और यहां पानी निकालने की दर 70.94 प्रतिशत से घटकर 66.47 प्रतिशत रह गई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसी तरह बाकी 10 ब्लॉकों के वर्गीकरण में भी सुधार दर्ज किया गया है। फिरोजपुर गंभीर से अर्ध-गंभीर श्रेणी में आ गया है और यहां भूजल निकालने की दर 94.49 प्रतिशत से घटकर 76.66 प्रतिशत रह गई है; ममदोट गंभीर से अर्ध-गंभीर श्रेणी में आ गया है, जिसमें भूजल निकालने की दर 99.85 प्रतिशत से घटकर 86.59 प्रतिशत रह गई है; गुरदासपुर अति-शोषित से गंभीर श्रेणी में आ गया है और यहां भूजल की निकासी 110.70 प्रतिशत से घटकर 92.93 प्रतिशत हो गई है तथा काहनूवान अति-शोषित से गंभीर श्रेणी में आ गया है और यहां भूजल निकालने की दर 101.04 प्रतिशत से घटकर 98.01 प्रतिशत रह गई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसी तरह श्री हरगोबिंदपुर में पानी निकालने की दर 95.53 प्रतिशत से घटकर 75.54 प्रतिशत होने से यह &#8216;गंभीर&#8217; से &#8216;अर्ध-गंभीर&#8217; श्रेणी में आ गया है; भुंगा 92.14 प्रतिशत से घटकर 84.17 प्रतिशत होने के साथ गंभीर से अर्ध-गंभीर; होशियारपुर-2 97.81 प्रतिशत से घटकर 78.53 प्रतिशत होने के साथ गंभीर से अर्ध-गंभीर; माहिलपुर 109.86 प्रतिशत से घटकर 92.23 प्रतिशत होने से &#8216;अति-शोषित&#8217; से गंभीर; कोट ईसे खां (धर्मकोट, मोगा) 114.32 प्रतिशत से घटकर 97.67 प्रतिशत होने से अति-शोषित से गंभीर और एस.बी.एस. नगर का औड़ ब्लॉक 90.84 प्रतिशत से घटकर 89.91 प्रतिशत होने के साथ गंभीर से अर्ध-गंभीर श्रेणी में आ गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि अन्य 95 ब्लॉकों में भी विभिन्न स्तरों पर सुधार देखने को मिला है। परिणामस्वरूप भूजल की स्थिति के संबंध में राज्य के कुल 153 आकलन किए गए ब्लॉकों में से 109 ब्लॉकों में सुधार दर्ज किया गया है, जिसे उन्होंने राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इन 95 ब्लॉकों में से तीन ब्लॉकों में 30 प्रतिशत से अधिक सुधार दर्ज किया गया है, सात में 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत के बीच, 23 में 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत के बीच, जबकि 62 ब्लॉकों में 0 प्रतिशत से 10 प्रतिशत के बीच सुधार दर्ज किया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जल संसाधन मंत्री ने कहा कि पंजाब में भूजल की स्थिति में यह सुधार भूजल रिचार्ज में वृद्धि और पानी निकालने की दर में कमी के संयुक्त प्रयासों के कारण संभव हुआ है। उन्होंने कहा, &#8220;नहरी पानी के बेहतर उपयोग, सिंचाई ढांचे के नवीनीकरण और विस्तार, जल संरक्षण तथा रिचार्जिंग उपायों ने सामूहिक रूप से इस सकारात्मक बदलाव में योगदान दिया है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि नहरों की बड़े स्तर पर बहाली और नवीनीकरण, खालों की मरम्मत और विस्तार, पाइपलाइन बिछाने तथा टेलों पर स्थित हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाना सुनिश्चित करने से राज्य के भूजल संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती मिली है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, &#8220;हमारा उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट था: नहरी पानी को खेतों तक पहुंचाना ताकि किसानों को पूरी तरह भूजल पर निर्भर न रहना पड़े। यह केवल सिंचाई से जुड़ा कदम नहीं है; यह आने वाली पीढ़ियों के लिए पंजाब के जल भंडारों को सुरक्षित करने का भी एक प्रयास है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के दौरान भूजल की स्थिति काफी चिंताजनक हो गई थी क्योंकि पंजाब में भूजल स्तर लगातार गिर रहा था। उन्होंने आगे कहा, &#8220;इसलिए पंजाब सरकार ने उपलब्ध नहरी पानी के उपयोग को बढ़ाने और पूरे राज्य में नहरी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए ठोस रणनीति अपनाई।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि नहरी पानी का उपयोग, जो वर्ष 2022 तक केवल लगभग 26 प्रतिशत था, अब बढ़कर 82 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा, &#8220;इस बड़े बदलाव को लाने के लिए पंजाब सरकार ने लगभग 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और हजारों किलोमीटर खालों तथा अन्य सिंचाई ढांचे का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया गया है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य के जल भंडारों में जमा पंजाब के हिस्से के पानी के उचित उपयोग को भी मुख्य प्राथमिकता बनाया गया। उन्होंने आगे कहा, &#8220;पंजाब में 1117 नहरें और माइनर हैं, जिनका उपयोग पहले उनकी मूल क्षमता से काफी कम हो रहा था।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि हालांकि नहरी प्रणाली की पानी ले जाने की क्षमता लगभग 36,000 क्यूसेक है, लेकिन पंजाब इस वर्ष 1 जून से नियमित रूप से लगभग 39,000 क्यूसेक नहरी पानी की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने कहा, &#8220;नहरी पानी की बढ़ी हुई उपलब्धता ने कई क्षेत्रों के किसानों को ट्यूबवेलों के माध्यम से भूजल निकालने के बजाय नहरी पानी के उपयोग से धान की खेती करने में सक्षम बनाया है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि नहरी पानी को सीधे खेतों तक पहुंचाने से भूजल बचाने और बिजली की खपत कम करने में एक साथ मदद मिली है, जिससे भूजल निकालने पर निर्भरता कम होने के कारण राज्य में बिजली की लगभग 16 प्रतिशत बचत दर्ज की गई है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, &#8220;जब नहरी पानी किसान के खेत तक पहुंचता है तो इससे न केवल भूजल की बचत होती है, बल्कि पंपिंग पर खर्च होने वाली बिजली की खपत भी कम होती है। यह किसान और पंजाब के जल संसाधनों, दोनों के लिए अधिक लाभकारी साबित हुआ है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जल संसाधन मंत्री ने बताया कि किसानों को अब फसलों के लिए नहरी पानी की उपलब्धता में सुधार के माध्यम से बड़े स्तर पर लाभ हो रहा है और इसके साथ ही भूजल निकालने के लिए बिजली की होने वाली खपत भी कम हुई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि भूजल रिचार्ज में हुई वृद्धि ने भी इस सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके तहत पूरे राज्य में 510 से अधिक रिचार्ज योजनाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा, &#8220;इनमें तालाबों, नहरों पर आधारित रिचार्ज ढांचे और खंबाती कुओं के माध्यम से रिचार्ज शामिल हैं। इन योजनाओं ने मिलकर लगभग 38 लाख घन मीटर भूजल के रिचार्ज में योगदान दिया है, जो सिसवां बांध की भंडारण क्षमता से अधिक है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से भूजल के संरक्षण को और मजबूती मिलेगी और आने वाले वर्षों में भूजल निकालने की दर को कम करने में मदद मिलेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भूजल का संरक्षण पंजाब के लिए केवल एक पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह देश की खाद्य सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, &#8220;पंजाब केंद्रीय अन्न भंडार में बड़ा योगदान देता है और इसने ऐतिहासिक रूप से देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए भूजल की रक्षा करना सीधे तौर पर देश की खाद्य सुरक्षा की रक्षा से जुड़ा हुआ कदम है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि यदि भूजल का चिंताजनक ह्रास बिना रोक-टोक जारी रहता तो यह न केवल पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता था। उन्होंने आगे कहा, &#8220;इसलिए पंजाब सरकार ने आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के जल संसाधनों के संरक्षण हेतु निर्णायक कदम उठाए हैं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जल संसाधन मंत्री ने कहा कि भूजल के ताजा आंकड़े पंजाब के लिए उत्साहजनक हैं और नहरी सिंचाई तथा भूजल संरक्षण के उपायों को और बढ़ाने के सरकार के संकल्प को मजबूत करते हैं। उन्होंने आगे कहा, &#8220;मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार टिकाऊ जल प्रबंधन और राज्य के कृषि भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर शेर सिंह, मुख्य अभियंता (नहर एवं भूजल), मनोज बांसल, निगरान अभियंता (भूजल) सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>
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		<title>दिल्ली मार्च पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, रोक लगाने से किया इनकार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 12:07:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[5 सितंबर को दिल्ली में होने वाले काकरोच जनता पार्टी के मार्च को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर यह माना जाए कि मार्च [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">5 सितंबर को दिल्ली में होने वाले काकरोच जनता पार्टी के मार्च को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर यह माना जाए कि मार्च के कारण किसी तरह की अप्रिय या हिंसक घटना होने की आशंका है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मार्च में शामिल होने वाले सभी पक्षों से कानून का पालन करने और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की उम्मीद की जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दरअसल, इस मामले को लेकर रिटायर्ड दिल्ली पुलिस अधिकारी राजेंद्र सिंह की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि दिल्ली में BRICS सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में बड़े जुलूस और प्रदर्शनों की अनुमति देना सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">याचिका में यह भी चिंता जताई गई थी कि बड़े स्तर पर लोगों के जुटने से राजधानी में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन आशंकाओं के आधार पर फिलहाल मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अदालत ने प्रशासन की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारी आवश्यक कदम उठा सकते हैं। साथ ही मार्च में शामिल लोगों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी गतिविधियां कानून के दायरे में रहें और किसी तरह की स्थिति न बिगड़े।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब 5 सितंबर को होने वाले मार्च को लेकर आगे की नजर दिल्ली प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों पर रहेगी। प्रशासन के सामने जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी, वहीं मार्च में शामिल संगठनों और लोगों से भी शांतिपूर्ण और जिम्मेदार तरीके से कार्यक्रम में हिस्सा लेने की उम्मीद की जा रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>ABVP की जीत पर AAP/ASAP का बड़ा सवाल: विवादित दस्तावेज़ों और चुनावी पात्रता पर हाईकोर्ट जाएगी टीम, PU प्रशासन की चुप्पी पर भी उठे सवाल</title>
		<link>https://news24punjab.com/abvp-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-aap-asap-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 12:00:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब यूनिवर्सिटी में हुए छात्र संघ चुनाव के बाद जहां ABVP उम्मीदवार अंकित बिधान की जीत की खबर सामने आ रही है, वहीं आम आदमी पार्टी से जुड़ी छात्र टीम ASAP ने इस पूरे चुनाव और विशेष रूप से ABVP उम्मीदवार की चुनावी पात्रता को हाईकोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है। &#160; ASAP [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब यूनिवर्सिटी में हुए छात्र संघ चुनाव के बाद जहां ABVP उम्मीदवार अंकित बिधान की जीत की खबर सामने आ रही है, वहीं आम आदमी पार्टी से जुड़ी छात्र टीम ASAP ने इस पूरे चुनाव और विशेष रूप से ABVP उम्मीदवार की चुनावी पात्रता को हाईकोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ASAP का कहना है कि चुनाव से पहले ही उसने पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन को उम्मीदवार की पात्रता, उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड, कथित Unfair Means (UMC) मामले, चुनाव लड़ने की योग्यता और दस्तावेज़ों से जुड़े गंभीर सवालों से लिखित/औपचारिक रूप से अवगत कराया था। प्रशासन की ओर से मामले पर संज्ञान लेने का भरोसा भी दिया गया, लेकिन चुनाव संपन्न होने तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ASAP के अनुसार, अब इस पूरे मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष रखा जाएगा और यह सवाल उठाया जाएगा कि जब किसी उम्मीदवार की चुनाव लड़ने की पात्रता पर गंभीर आपत्तियां पहले से विश्वविद्यालय के संज्ञान में थीं, तो उन पर निर्णय लिए बिना उसे चुनाव लड़ने की अनुमति किस आधार पर दी गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>“जिस उम्मीदवारी पर चुनाव से पहले सवाल उठे, उसके परिणाम को बिना जांच के कैसे वैध माना जा सकता है?”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ASAP का आरोप है कि अंकित बिधान के शैक्षणिक एवं अनुशासनात्मक रिकॉर्ड को लेकर गंभीर तथ्य हैं, जिनका उल्लेख चुनावी प्रक्रिया में किया जाना आवश्यक था। टीम के मुताबिक, बिधान पंजाब यूनिवर्सिटी में LL.B. की पढ़ाई के दौरान कई परीक्षाओं में असफल रहा और उसके खिलाफ Unfair Means का मामला भी सामने आया, जिसके चलते उसे वर्ष 2023 से 2025 तक विश्वविद्यालय से debar किया गया था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ASAP का यह भी कहना है कि इसके बावजूद बाद में गुजरात की Sabarmati University से प्राप्त MA डिग्री के आधार पर पंजाब यूनिवर्सिटी में PhD में प्रवेश लिया गया। इसी प्रवेश की पात्रता और संबंधित दस्तावेज़ों की वैधता को लेकर भी टीम ने गंभीर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ASAP का दावा है कि उम्मीदवार की शैक्षणिक पात्रता और दस्तावेज़ों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक थी, लेकिन इन सवालों के बावजूद उसे चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>Lingdoh Committee के नियमों का भी हवाला</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ASAP ने छात्र चुनावों के लिए लागू Lyngdoh Committee recommendations का हवाला देते हुए कहा है कि चुनावी पात्रता के संबंध में विश्वविद्यालय को उम्मीदवार के अनुशासनात्मक और अकादमिक रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए थी। टीम का कहना है कि यदि किसी छात्र को अनुशासनात्मक कारणों से विश्वविद्यालय से debar किया गया हो या उसके academic/disciplinary मामलों को लेकर गंभीर स्थिति हो, तो उसकी चुनावी पात्रता की जांच महज औपचारिकता नहीं हो सकती। “हमारा सवाल किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि पूरी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से है। अगर नियम सभी छात्रों के लिए समान हैं, तो वे किसी राजनीतिक संगठन के उम्मीदवार के लिए अलग कैसे हो सकते हैं?” — ASAP</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चुनाव से पहले प्रशासन को बताया, फिर भी चुनाव करा दिया गया: अब कोर्ट में जवाब मांगेगी टीम ASAP ने कहा कि सबसे गंभीर प्रश्न पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका को लेकर है। टीम ने दावा किया कि चुनाव से पहले ही प्रशासन को इन सभी आपत्तियों और दस्तावेज़ों से संबंधित सवालों की जानकारी दे दी गई थी और प्रशासन ने मामले को देखने की बात कही थी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसके बावजूद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी और मतदान संपन्न हो गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ASAP का कहना है कि अब प्रशासनिक स्तर पर जवाब नहीं, बल्कि न्यायिक स्तर पर जवाब मांगा जाएगा। टीम जल्द ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख कर यह मांग रखेगी कि उम्मीदवार की चुनावी पात्रता, उसके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ों और उसके कथित disciplinary record की निष्पक्ष जांच की जाए तथा यदि चुनावी नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो चुनाव परिणाम की वैधता पर भी उचित कानूनी निर्णय लिया जाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>“जीत का जश्न बाद में, पहले दस्तावेज़ और पात्रता की जांच हो”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ASAP ने स्पष्ट किया कि उसका संघर्ष किसी छात्र संगठन की जीत या हार तक सीमित नहीं है। सवाल यह है कि क्या विश्वविद्यालय के छात्र चुनावों में नियम सभी पर बराबर लागू होंगे या राजनीतिक प्रभाव के आधार पर कुछ उम्मीदवारों को अलग मानदंड दिए जाएंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ASAP ने कहा कि अगर किसी उम्मीदवार की पात्रता पर चुनाव से पहले ही गंभीर सवाल विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रख दिए गए थे, तो उनका निपटारा किए बिना चुनाव करवाना पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। “अगर दस्तावेज़ सही हैं तो जांच से डरने की जरूरत नहीं है। अगर पात्रता सही है तो कोर्ट में भी वह साबित हो जाएगी। लेकिन जांच से पहले ही जीत को अंतिम सत्य मान लेना स्वीकार नहीं किया जा सकता।” ASAP ने कहा कि वह इस मामले को पूरी मजबूती के साथ कानूनी मंच पर ले जाएगी और विश्वविद्यालय चुनावों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और नियमों के समान अनुपालन की लड़ाई जारी रखेगी। “जिस मुद्दे को चुनाव से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को देखना चाहिए था, अब वही मुद्दा अदालत के सामने जाएगा। चुनाव खत्म हुआ है, सवाल खत्म नहीं हुए।”</p>
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		<title>पंजाब में ग्राउंडवाटर निकालने की दर चार साल में 163.80% से घटकर 152.22% हो गई, 95 ब्लॉक में सुधार दर्ज: बलतेज पन्नू</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 11:45:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने सोमवार को कहा कि ग्राउंडवॉटर के ताजा मुल्याकंन से पंजाब को उम्मीद की एक बड़ी किरण मिली है, क्योंकि सरकारी डेटा से पता चलता है कि राज्य ने उस संकट को ठीक करना शुरू कर दिया है जिसे पिछली सरकारों ने दशकों तक गंभीर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने सोमवार को कहा कि ग्राउंडवॉटर के ताजा मुल्याकंन से पंजाब को उम्मीद की एक बड़ी किरण मिली है, क्योंकि सरकारी डेटा से पता चलता है कि राज्य ने उस संकट को ठीक करना शुरू कर दिया है जिसे पिछली सरकारों ने दशकों तक गंभीर होने दिया। उन्होंने कहा कि यह सुधार भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा नहर के पानी का इस्तेमाल बढ़ाने, नहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और पंजाब की ग्राउंडवॉटर पर निर्भरता कम करने के लिए की गई लगातार कोशिशों का नतीजा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, आप पंजाब के राज्य मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “दशकों से, हम पंजाब के पानी को बचाने की ज़रूरत के बारे में सुनते आ रहे हैं। हमने नेताओं को खुद को पंजाब के पानी का कस्टोडियन कहते, प्रतीकात्मक औजार लेकर और इमोशनल भाषण देते देखा। लेकिन सवाल साधारण है: उन्होंने असल में क्या किया है? इसका जवाब अब सरकारी डेटा के रूप में पंजाब के सामने है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने नारों के बजाय प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और अमल पर ध्यान केंद्रित कर एक अलग रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया कि पंजाब नहर के पानी के अपने हिस्से का पूरा इस्तेमाल करे, जिससे ग्राउंडवॉटर पर बोझ कम हो।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि नहर के पानी का इस्तेमाल अब लगभग 80% से 82% तक पहुँच गया है, जो 2022 में सिर्फ़ 21% के आस-पास था। उन्होंने आगे कहा, “सरकार ने 14,100 नहरें चालू की हैं, 400 किलोमीटर से ज़्यादा बंद नहरों को ठीक किया है और 1,000 किलोमीटर से ज़्यादा नहरों को पक्का किया है। नहर के स्ट्रक्चर की मरम्मत के साथ-साथ, ग्राउंडवॉटर को रिचार्ज करने में मदद के लिए रिचार्ज पॉइंट भी बनाए गए हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने कहा कि इन उपायों का असर अब ताजा ग्राउंडवॉटर मुल्याकंन में साफ़ दिख रहा है। बलतेज पन्नू ने कहा, &#8220;पंजाब में ग्राउंडवाटर निकालने का लेवल 2021-22 में 163.80% से घटकर 2025 में 156.36% और 2025-26 में 152.22% हो गया है, जो चार सालों में 11.58 प्रतिशत पॉइंट्स का सुधार दिखाता है। सालाना ग्राउंडवाटर निकालने का लेवल भी लगभग 28.01 बिलियन क्यूबिक मीटर से घटकर 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गया है।&#8221; &#8220;11.58 प्रतिशत पॉइंट्स कागज़ पर सिर्फ़ एक आंकड़ा लग सकता है, लेकिन पंजाब के लिए इसका मतलब है कि दशकों की गिरावट के बाद, हम आखिरकार सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि ताजा मुल्याकंन की सबसे उत्साहजनक पहलू ग्राउंडवाटर मुल्याकंन ब्लॉक्स में दर्ज सुधार है। उन्होंने कहा, &#8220;पंजाब के 153 डार्क-ज़ोन ब्लॉक में से 95 में सुधार हुआ है, जबकि गंभीर ब्लॉक की संख्या 10 से घटकर 6 हो गई है। चार ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में आ गए हैं, जिनमें फाजिल्का में अरनीवाला, फिरोजपुर में मक्खू, होशियारपुर में हाजीपुर और पठानकोट में नरोट जैमल सिंह शामिल हैं। अन्य 14 ब्लॉक में काफी सुधार दर्ज किया गया है।&#8221;</p>
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<p>बलतेज पन्नू ने कहा कि ग्राउंडवॉटर रिचार्ज भी बढ़ा है, कुल सालाना रिचार्ज 19.14 बिलियन क्यूबिक मीटर है। उन्होंने कहा, “इसमें बारिश से 5.53 बिलियन क्यूबिक मीटर और नहर के पानी से 5.5 बिलियन क्यूबिक मीटर शामिल है। नहर के पानी का रिचार्ज पिछले साल के 4.5 बिलियन क्यूबिक मीटर से बढ़कर इस साल 5.5 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गया है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि पंजाब के लिए खेती के लिए ट्यूबवेल पर अपनी निर्भरता कम करना क्यों ज़रूरी है। उन्होंने आगे कहा, “निकाले गए 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर ग्राउंडवॉटर में से, लगभग 24.95 बिलियन क्यूबिक मीटर खेती के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि लगभग 1.38 बिलियन क्यूबिक मीटर घरेलू और इंडस्ट्रियल कामों के लिए इस्तेमाल होता है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने माना कि पंजाब अभी भी ग्राउंडवॉटर की गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि बदलाव की दिशा ज़रूरी है, क्योंकि नए मुल्याकंन से पता चलता है कि ग्राउंडवॉटर निकालने में कमी आई है और कई मुल्याकंन ब्लॉक में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, “पंजाब के पानी के संकट के बारे में सिर्फ़ बात करने वाली सरकारों और इसे सुलझाने का फ़ैसला करने वाली सरकार के बीच यही फ़र्क है। भगवंत मान सरकार ने किसी दूसरे राज्य को मिलने वाले पानी में पंजाब का हिस्सा कम नहीं किया, बल्कि पंजाब के अपने नहर के पानी का इस्तेमाल बढ़ाया। विपक्ष को इस सवाल का जवाब देना चाहिए: जब वे सत्ता में थे तो यह पानी कहाँ जा रहा था?”</p>
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<p>बलतेज पन्नू ने कहा कि यह डेवलपमेंट पंजाब की अगली पीढ़ी के लिए खास तौर पर ज़रूरी है, क्योंकि राज्य का जलसंकट आखिरकार इस बात का सवाल है कि आने वाली पीढ़ियों को क्या मिलेगा। उन्होंने कहा, “जब इतिहास लिखा जाएगा, तो हमारे बच्चों को हमसे यह नहीं पूछना चाहिए कि हमने उनके लिए रेगिस्तान क्यों छोड़ा। उन्हें यह कहने में काबिल होना चाहिए कि उनके माता-पिता की पीढ़ी ने आखिरकार समय पर एक्शन लिया। ग्राउंडवॉटर का ताज़ा डेटा पंजाब को यह उम्मीद देता है।”</p>
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<p>उन्होंने कहा कि नारों से आगे बढ़कर ठोस नतीजे देने का यही शासन का तरीका दूसरे एरिया में भी देखा जा रहा है, जिसमें रोड सेफ्टी फोर्स, सरकारी स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम को मज़बूत करना शामिल है। बलतेज पन्नू ने कहा, “इन आंकड़ों से संदेश साफ है: अगर सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति है, तो पंजाब की समस्याएं हल हो सकती हैं। भगवंत मान सरकार ने वह प्रतिबद्धता दिखाई है; अब नतीजे खुद बोलने लगे हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
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