Live Updates
दिल्ली मार्च पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, रोक लगाने से किया इनकारABVP की जीत पर AAP/ASAP का बड़ा सवाल: विवादित दस्तावेज़ों और चुनावी पात्रता पर हाईकोर्ट जाएगी टीम, PU प्रशासन की चुप्पी पर भी उठे सवालपंजाब में ग्राउंडवाटर निकालने की दर चार साल में 163.80% से घटकर 152.22% हो गई, 95 ब्लॉक में सुधार दर्ज: बलतेज पन्नू1 सितंबर से LPG से जुड़े बदलेंगे कई नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असरजर्मनी ने रचा इतिहास, स्पेन को हराकर जीता हॉकी वर्ल्ड कप 2026कनाडा में विदेशी वर्कर्स को बड़ी राहत, Work Permit के नियमों में अहम बदलावCM भगवंत सिंह मान ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लियादिल्ली मार्च पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, रोक लगाने से किया इनकारABVP की जीत पर AAP/ASAP का बड़ा सवाल: विवादित दस्तावेज़ों और चुनावी पात्रता पर हाईकोर्ट जाएगी टीम, PU प्रशासन की चुप्पी पर भी उठे सवालपंजाब में ग्राउंडवाटर निकालने की दर चार साल में 163.80% से घटकर 152.22% हो गई, 95 ब्लॉक में सुधार दर्ज: बलतेज पन्नू1 सितंबर से LPG से जुड़े बदलेंगे कई नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असरजर्मनी ने रचा इतिहास, स्पेन को हराकर जीता हॉकी वर्ल्ड कप 2026कनाडा में विदेशी वर्कर्स को बड़ी राहत, Work Permit के नियमों में अहम बदलावCM भगवंत सिंह मान ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लिया
1 min read

Haryana: 62 निकायों में सामने आई 1400 करोड़ रूपए की गड़बड़ी, ऐसे खुली मामले की पोल।

चंडीगढ़। Haryana के 62 निकायों में 1400 करोड़ रूपए की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। प्रदेशभर में विकास कार्यों के लिए अग्रिम तौर पर लिए गए करीब 1400 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिला रहा। ये राशि प्रदेश में 10 नगर निगमों सहित 62 स्थानीय निकायों में विकास कार्यों के लिए ली गई थी।

ऐसे में किसी घोटाले की आशंका उठना स्वाभाविक है और ये आशंका विधानसभा कमेटी ने वर्ष 2019-20 की आडिट रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए जताई है। इसके साथ ही कमेटी ने सरकार से पांच साल पहले हुईं वित्तीय अनियमितताओं की जांच करवाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है।

जिन 10 नगर निगमों में विकास कार्यों के लिए जारी की गई अग्रिम राशि के दुरुपयोग की संभावना जताई गई है, उनमें पंचकूला, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, हिसार, करनाल, यमुनानगर, अंबाला, रोहतक और फरीदाबाद शामिल हैं।

हाल ही में विधानसभा की शहरी स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज संस्था की कमेटी के सामने आडिट रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें इन वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ। जानकारी के अनुसार, निकायों में होने वाले खर्च का इंटरनल आडिट किया जाता है। यदि किसी आपत्ति का सामना होता है, तो उसे दूर करने के लिए अधिकारियों को भेजा जाता है। इसके बाद, एडवांस प्राप्त करने वाला अधिकारी प्रमाण प्रस्तुत करता है। संबंधित अधिकारियों को यह रिपोर्ट भी भेजी गई, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण यह राशि अभी भी आडिट रिपोर्ट में ‘अनएडजस्टेड एडवांस’ के रूप में दिखाई दे रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *