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बादल परिवार पंजाब और सिख पंथ का सबसे बड़ा दुश्मन, उन्होंने पंजाब के सबसे बुरे दौर की सच्चाई को दबाने की कोशिश की: कुलदीप सिंह धालीवाल

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल (एस.ए.डी) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि बादल परिवार ने हमेशा पंजाब और सिखों के साथ हुए अन्याय के लिए जिम्मेदार लोगों का साथ दिया है।

 

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट स्वर्गीय जसवंत सिंह खालड़ा की पत्नी बीबी परमजीत कौर खालड़ा के बयान का हवाला देते हुए धालीवाल ने कहा कि उन्होंने खुलासा किया है कि सुखबीर सिंह बादल ने पंजाबी फिल्म ‘सतलुज’ पर बैन लगाने की मांग करते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि अगर यह सच है, तो इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। इसने सिख कौम और पंजाब के लोगों के सामने बादल परिवार का असली चेहरा सामने ला दिया है।

 

धालीवाल ने कहा कि यह फिल्म पंजाब के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक पर आधारित है और इसमें कांग्रेस शासन के दौरान हुए अत्याचारों को दिखाया गया है, जिसमें फ़र्ज़ी एनकाउंटर, लोगों को गायब करवाना और जसवंत सिंह खालड़ा का संघर्ष शामिल है, जिन्होंने शहीद होने से पहले इन मानवाधिकार उल्लंघनों को उजागर करने के लिए अपनी जान दे दी।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ये अत्याचार किए, भाजपा सरकार अब इस सच को लोगों तक पहुंचने से रोक रही है, और बादल परिवार इसे दबाने में उनकी मदद कर रहा है। इससे साफ़ पता चलता है कि जब भी पंजाब का सच छिपाने की बात आई, इन तीनों ने मिलकर काम किया है।

 

उन्होंने कहा कि फिल्म की रिलीज़ को रोकने की बार-बार कोशिश की गई, जिसके तहत इसके प्रोड्यूसर को कई बार इसका टाइटल बदलने के लिए मजबूर किया गया और बाद में कथित तौर पर इसकी रिलीज़ पूरी तरह से रोक दी गई। उन्होंने कहा कि आप सच में देरी कर सकते हैं, लेकिन आप इतिहास को मिटा नहीं सकते। पंजाब के बलिदान और हज़ारों परिवारों के दर्द को हमेशा के लिए दफ़नाया नहीं जा सकता।

 

धालीवाल ने आगे आरोप लगाया कि बादल परिवार ने हमेशा सिख युवाओं पर अत्याचार करने वालों को संरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि अकाली दल की सरकार के दौरान फेक एनकाउंटर के दोषी अधिकारियों को जवाबदेह बनाने के बजाय उन्हें पदोन्नती और प्रभावशाली पदों से नवाजा गया।

 

अकाली सरकार के दौरान बेअदबी की घटनाओं और पुलिस फायरिंग का हवाला देते हुए धालीवाल ने आरोप लगाया कि बादल परिवार ने पॉलिटिकल पावर के लिए बार-बार सिख समुदाय की भावनाओं से खेला है। उन्होंने कहा कि जो लोग सिख हितों के रक्षक होने का दावा करते हैं, उन्होंने हमेशा अपने राजनीतिक के फायदे के लिए पंजाब और सिख कौम के हितों के खिलाफ काम किया है।

 

दुनिया भर के पंजाबियों और सिखों से अपील करते हुए धालीवाल ने कहा कि कोई भी सरकार या राजनीतिक पार्टी ऐतिहासिक सच्चाई को हमेशा के लिए दबा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि पंजाब में हुए अत्याचारों की सच्चाई किसी न किसी रूप में लोगों के सामने आती रहेगी। इसे चुप कराने की कोई भी कोशिश इंसाफ की मांग को और मजबूत करेगी।

 

उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे बादल परिवार की धोखे की राजनीति को नकारें और सच्चाई, इंसाफ और पंजाब के दर्दनाक इतिहास की यादों के साथ मजबूती से खड़े हों।

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