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महिलाओं के बैंक खातों में आए 1000 रुपये

पंजाब भर की लाखों महिलाओं का इंतजार आज उस वक्त खत्म हो गया, जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले दी गई अपनी आखिरी चुनाव गारंटी को पूरा करते हुए ‘मुख्यमंत्री मांवां-धियाँ सत्कार योजना’ की शुरुआत की। धूरी में विशेष वेब पोर्टल के जरिए इस योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में तीन महीने की सम्मान राशि सीधे ट्रांसफर करने की घोषणा की, जिसके तहत प्रत्येक महिला को 3,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये मिले हैं। कार्यक्रम के दौरान ही लाभार्थियों को भुगतान शुरू हो गया और महिलाओं को उनके मोबाइल फोन पर एस.एम.एस. के जरिए पैसे खाते में आने का संदेश मिला।

 

इस कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज धूरी में ‘मांवां-धियाँ सत्कार योजना’ की ऐतिहासिक शुरुआत की गई। इस योजना के तहत हर महिला को 1,000 प्रति माह ‘सत्कार राशि’ मिलेगी, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं को 1,500 प्रति माह मिलेंगे। योजना के लागू होने के साथ, जुलाई, अगस्त और सितंबर महीनों की एकत्रित राशि पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर कर दी गई है। कार्यक्रम के दौरान ही महिलाओं को पैसे आने के एस.एम.एस. मिलने शुरू हो गए थे।”

 

उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, “हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी योजनाबद्धता के साथ यह योजना शुरू की है कि यह आने वाले वर्षों में बिना किसी रुकावट के जारी रहे। यह वित्तीय सहायता आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ा सहारा देगी और साथ ही हमारी मां-बेटियों के सम्मान के रूप में भी काम करेगी।”

 

योजना की शुरुआत करने के बाद तालियों की गूंज में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि राज्य सरकार ने यह बड़ी पहल शुरू की है, जिसके तहत 40 लाख से अधिक महिलाएं पहले ही पंजीकृत हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, “सत्कार राशि जुलाई महीने से शुरू हो गई है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण का रास्ता आसान बनाएगी। यह महत्वपूर्ण योजना है और हमने इसे पूरी योजनाबद्धता के साथ शुरू किया है ताकि यह स्थायी रूप से जारी रहे।”

 

योजना का विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को 1,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता के बारे में मोबाइल पर नोटिफिकेशन मिलेंगे। उन्होंने कहा, “फंड सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे और जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने बजट में इस उद्देश्य के लिए 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं।”

 

इस पहल के बड़े सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही यह वित्तीय सहायता महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह उन्हें मान-सम्मान जरूर देगी। उन्होंने कहा, “महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन का स्रोत हैं। हमारी माताओं और बहनों का आशीर्वाद हमें दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद कर सकता है। महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह बहुत जरूरी है।”

 

इस योजना के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की महिलाओं के भाई, बेटा और भतीजा होने के नाते वह हर लाभार्थी को आश्वस्त करते हैं कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी क्योंकि यह लोगों में जताए गए विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “महिलाओं के मोबाइल फोन नोटिफिकेशन के साथ बीप करना शुरू कर देंगे, जो खुशहाली के नए युग की शुरुआत है, जहां महिलाएं गर्व और सम्मान के साथ जिएंगी। यह महिलाओं के प्रति हमारे सम्मान को दर्शाता है और राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”

 

अपनी सरकार के लोक-पक्षीय शासन मॉडल के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों से इकट्ठा किया गया टैक्स का पैसा उन्हीं का है और सरकार इसे उनकी भलाई के लिए समझदारी से खर्च कर रही है। उन्होंने कहा, “लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों के पास वापस आ रहा है। राज्य सरकार सिर्फ लोगों के लिए काम कर रही है। हमने घरों को मुफ्त बिजली दी है, बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों को सुधारा है, टोल प्लाजा बंद करके रोजाना 70 लाख रुपये बचाए हैं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को मजबूत किया है, बुनियादी ढांचा बनाया है और कई अन्य बड़ी पहल की हैं। आज महिलाओं के बैंक खातों में तीन महीने की राशि ट्रांसफर कर दी गई है और यह उनके सशक्तिकरण को मजबूत करने में बहुत सहायक होगी।”

 

मांवां-धियाँ सत्कार योजना की शुरुआत को ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब सरकार ने आधिकारिक तौर पर राज्य के लोगों से की गई सभी प्रमुख गारंटियाँ पूरी कर ली हैं। उन्होंने कहा, “यह वित्तीय सहायता पंजाब की महिलाओं के प्रति विश्वास का प्रगटावा है। आज का दिन न केवल पंजाब की महिलाओं के लिए बल्कि देश भर की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि यह शासन के ऐसे मॉडल को दर्शाता है, जो सच्चे अर्थों में अपने नागरिकों की कद्र करता है। स्वास्थ्य और शिक्षा में ढांचागत सुधारों को सीधे जन-कल्याण से जोड़कर पंजाब सरकार ने अपने आलोचकों को चुप करा दिया है और भारत में जन-कल्याण की राजनीति के लिए नया मापदंड स्थापित किया है।”

 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डॉ. बलजीत कौर, वरिष्ठ आप नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री मावां-धियाँ सत्कार योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें*

 

पात्र लाभार्थी महिलाएँ निर्धारित सरकारी केंद्रों पर ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यम से ‘मुख्यमंत्री मावां-धियाँ सत्कार योजना’ के लिए आवेदन कर सकती हैं। पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है।

 

*आवेदन कहाँ करें*

 

• निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र

• सेवा केंद्र

• नगर परिषद (म्यूनिसिपल काउंसिल) कार्यालय

• संबंधित ब्लॉक कार्यालय

 

*आवश्यक दस्तावेज़*

• आधार कार्ड

• पंजाब का मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी)

• आधार से लिंक बैंक खाते का विवरण/पासबुक

• आय प्रमाण पत्र (जहाँ लागू हो)

• पासपोर्ट आकार का फोटो

• अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र (अतिरिक्त लाभ पाने वाले आवेदकों के लिए)

 

*आवेदन की प्रक्रिया*

 

• निकटतम निर्धारित पंजीकरण केंद्र पर जाएँ।

• मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करें।

• सभी आवश्यक विवरण सावधानीपूर्वक भरें।

• आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें।

• पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र निर्धारित अधिकारी के पास जमा करें।

• भविष्य के संदर्भ के लिए रसीद प्राप्त करें।

 

*क्या आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है?*

 

जिन महिलाओं ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे अब भी आवेदन कर सकती हैं। बाद में पंजीकरण कराने वाली महिलाओं को भी सफल सत्यापन और स्वीकृति के बाद 1 जुलाई से लागू सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण की कोई अंतिम तिथि निर्धारित नहीं है तथा पात्र लाभार्थियों को योजना लागू होने की तिथि से ही इसका लाभ दिया जाएगा।

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