Live Updates
कांग्रेस ने अपनी डूबती नैया को बचाने के लिए ‘पायलट’ को पंजाब भेजा है: बलतेज पन्नूभगवंत मान सरकार का नशों और गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त अभियान; दुनिया भर से अपराधियों को वापस लाया जा रहा है: बलतेज पन्नूBJP पंजाब से सीखकर अपने राज्यों में भी नशा खत्म करे – केजरीवालप्याज-टमाटर के बाद अब लहसुन और अदरक महंगे, जानिए नए भावपहली बार पंजाब ने गैंगस्टरों और नशों की बुराई के खिलाफ सख्त और मिसाली कार्रवाई की-CM भगवंत सिंह मानबिना किसी बिजली कटौती के पंजाब ने पूरी की 17,423 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक बिजली मांग: तरुनप्रीत सिंह सौंदआप दौड़ सकते हैं, लेकिन कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते—CM भगवंत सिंह मान की विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को चेतावनीकांग्रेस ने अपनी डूबती नैया को बचाने के लिए ‘पायलट’ को पंजाब भेजा है: बलतेज पन्नूभगवंत मान सरकार का नशों और गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त अभियान; दुनिया भर से अपराधियों को वापस लाया जा रहा है: बलतेज पन्नूBJP पंजाब से सीखकर अपने राज्यों में भी नशा खत्म करे – केजरीवालप्याज-टमाटर के बाद अब लहसुन और अदरक महंगे, जानिए नए भावपहली बार पंजाब ने गैंगस्टरों और नशों की बुराई के खिलाफ सख्त और मिसाली कार्रवाई की-CM भगवंत सिंह मानबिना किसी बिजली कटौती के पंजाब ने पूरी की 17,423 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक बिजली मांग: तरुनप्रीत सिंह सौंदआप दौड़ सकते हैं, लेकिन कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते—CM भगवंत सिंह मान की विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को चेतावनी
1 min read

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, केंद्र सरकार ने किया ऐलान

केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) नियुक्त करने की घोषणा कर दी है। वह भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभालेंगे। वर्तमान में वह उप सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के पद पर कार्यरत हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है। जनरल द्विवेदी ने 30 जून 2024 को भारतीय सेना की कमान संभाली थी। नियमों के अनुसार सेना प्रमुख का कार्यकाल तीन वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक होता है, जो भी पहले हो।

दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के पास लगभग चार दशक का व्यापक सैन्य अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। उन्होंने रेगिस्तानी इलाकों, जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी सीमा पर विभिन्न ऑपरेशनल एवं कमांड जिम्मेदारियां संभाली हैं।

धीरज सेठ उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर दो महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कमांडों का नेतृत्व किया है। इसके अलावा वे दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के अंगोला मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और सेना मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। सेना की क्षमता विकास, रणनीतिक योजना और आधुनिकीकरण से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी धीरज सेठ का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला, भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC) वेलिंगटन तथा नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया था और DSSC में सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंड स्टूडेंट ऑफिसर का मेडल भी हासिल किया था।

देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) जैसे उच्च सैन्य सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

भारतीय सेना की कमान संभालने जा रहे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ से उम्मीद की जा रही है कि वे देश की सुरक्षा, सैन्य आधुनिकीकरण और रणनीतिक क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *