Live Updates
फतेहगढ़ साहिब हादसा पीडि़तों को सीएम ने दिया मुआवजा:9 मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और 34 घायलों को मिलेंगे 50 हजारअवैध कॉलोनी पर चला विभाग का पीला पंजा, colonizers को सख्त चेतावनी जारीपंजाब में बिजली की फिलहाल कोई समस्या नहीं Harpal Singh Cheemaहरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमलअमृतसर में पाकिस्तान समर्थित तस्करी गिरोह बेनकाब:पुलिस ने 3 तस्कर किए गिरफ्तार; भारी मात्रा में नशा और अवैध हथियार बरामदपंजाबी NRI’s को बड़ी राहत, सरकार ने बदले नियम, हटाई ये शर्तPunjab में बढ़ती गर्मी को लेकर शिक्षा विभाग ने जताई चिंता, उठाई स्कूलों का समय बदलने की मांगफतेहगढ़ साहिब हादसा पीडि़तों को सीएम ने दिया मुआवजा:9 मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और 34 घायलों को मिलेंगे 50 हजारअवैध कॉलोनी पर चला विभाग का पीला पंजा, colonizers को सख्त चेतावनी जारीपंजाब में बिजली की फिलहाल कोई समस्या नहीं Harpal Singh Cheemaहरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमलअमृतसर में पाकिस्तान समर्थित तस्करी गिरोह बेनकाब:पुलिस ने 3 तस्कर किए गिरफ्तार; भारी मात्रा में नशा और अवैध हथियार बरामदपंजाबी NRI’s को बड़ी राहत, सरकार ने बदले नियम, हटाई ये शर्तPunjab में बढ़ती गर्मी को लेकर शिक्षा विभाग ने जताई चिंता, उठाई स्कूलों का समय बदलने की मांग
1 min read

शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, लाखों के बिल वाले मरीज अब बिना कोई भुगतान किए hospital से इलाज लेकर वापस घरों को लौट रहे

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब का स्वास्थ्य क्षेत्र एक क्रांतिकारी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पंजाब सरकार के वादे के अनुसार हर परिवार को सुगम, किफायती और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। कई सालों से उच्च इलाज दरों के कारण मरीज इलाज में देरी करने को मजबूर होते रहे, मेडिकल टेस्टों को टालते रहे या दवाइयां बीच में ही छोड़ देते थे, जिससे परिवार कर्जे के नीचे आ जाते थे और स्वास्थ्य परिणाम भी प्रभावित होते थे। यह हालत, जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक थे, अब धीरे-धीरे बदल रही है।

 

इस बदलाव के केंद्र में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना है, जो भगवंत मान सरकार की प्रमुख पहल है और तेजी से लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को बढ़ा रही है। केवल तीन महीनों में 40 लाख से अधिक हेल्थ-कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जो हर परिवार को वार्षिक 10 लाख रुपये तक का कवर देते हैं। इस योजना को बड़े पैमाने पर अपनाने से इसकी आवश्यकता और इसमें लोगों के भरोसे का पता चलता है। 21 अप्रैल को 28,766 पंजीकरण हुए, जो यह संकेत देते हैं कि स्वास्थ्य प्रणाली अब और अधिक जवाबदेह, समावेशी और लोक-केंद्रित बन रही है।

 

जिलों में इस योजना का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। लुधियाना 4.20 लाख कार्डों के साथ सबसे आगे है, इसके बाद पटियाला (3.82 लाख) और जालंधर (2.85 लाख) हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना की पहुंच केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। होशियारपुर, अमृतसर, मानसा, फाजिल्का और बरनाला जैसे टायर-2 और टायर-3 जिलों में भी इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जो दर्शाता है कि सरकार की यह स्वास्थ्य पहल छोटे कस्बों तक तेजी से पहुंच रही है, जहाँ इसकी सबसे अधिक आवश्यकता थी।

 

इस बदलाव की सबसे बड़ी पुष्टि जमीनी स्तर से दिखाई दे रही है। उप-मंडलीय अस्पताल खन्ना के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनिंदर सिंह भसीन कहते हैं, “स्वास्थ्य सेवा किसी विशेष अधिकार की तरह नहीं होनी चाहिए। पहले कवरेज सीमित थी, लेकिन अब हर निवासी को शामिल किया गया है।” वे आगे बताते हैं, “हाल के महीनों में हमने 200 से अधिक गॉलब्लैडर (पित्ते की) सर्जरी की हैं। आम तौर पर इसकी लागत 40,000 से ₹80,000 रुपये होती है, लेकिन मरीजों को इस योजना के अंतर्गत कोई भुगतान नहीं करना पड़ा।”

 

वे कहते हैं, “घुटने और कूल्हे की रिप्लेसमेंट, जिनकी लागत 1 लाख रुपये से अधिक है, अब रोजमर्रा के आधार पर मुफ्त हो रही हैं। हम हर रोज लगभग 10 सर्जरी करते हैं, वह भी सभी कैशलेस।”

 

आपातकालीन देखभाल के बारे में डॉ. भसीन बताते हैं, “एस-टी एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्कशन (एसटीईएमआई) हार्ट-अटैक में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। टेनेक्टेप्लाज़ नाम की थ्रोम्बोलिटिक दवा (खून के थक्कों को घोलने वाली), जो हार्ट-अटैक के दौरान खून के थक्कों को तेजी से घोलने के लिए उपयोग की जाती है, से हम खून का प्रवाह जल्दी बहाल करते हैं और अब तक हमने करीब 100 मरीजों की जान बचाई है।”

 

बरनाला के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. करन चोपड़ा भी इसी तरह के बदलाव की पुष्टि करते हुए कहते हैं, “पहले मरीज महीनों तक सर्जरी टालते थे और अब वे तुरंत इलाज के लिए आ रहे हैं। हर सर्जरी के पीछे लोगों को 1-1.5 लाख रुपये की बचत हो रही है।”

 

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस योजना के उद्देश्य के बारे में बात करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा मरीज की भुगतान क्षमता पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत हर परिवार को वार्षिक 10 लाख तक का कवर मिल रहा है। हमारा उद्देश्य है कि बिना किसी आर्थिक बोझ के हर घर-परिवार तक मानक इलाज पहुंचे।

 

भगवंत मान सरकार केवल स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार नहीं कर रही, बल्कि नागरिकों और प्रणाली के बीच संबंधों को भी पुनर्परिभाषित कर रही है। आर्थिक बाधाओं को दूर करके यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इलाज से जुड़े फैसले खर्च के आधार पर नहीं, बल्कि आवश्यकता के आधार पर लिए जाएं। पंजाब भर के डॉक्टरों का कहना है कि सबसे बड़ा बदलाव मनोवैज्ञानिक स्तर पर है—डर में स्पष्ट रूप से कमी आई है और अब परिवार हालात खराब होने तक इंतजार करने की बजाय बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर ही इलाज लेने के लिए आगे आ रहे हैं।

 

यह वह प्रशासन है जो सीधे लोगों के जीवन में बड़े और सुधारात्मक बदलाव ला रहा है। यह वह सुधार है जो मान-सम्मान को पुनः स्थापित करता है; और यह भगवंत मान सरकार है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष अधिकार नहीं, बल्कि एक अधिकार के रूप में सुनिश्चित कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *