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पंजाब के कर्मचारियों को बड़ी राहत की उम्मीद, DA और वेतन बकाए के लिए कैबिनेट सब-कमेटी गठित

पंजाब सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े लंबित वित्तीय मुद्दों के समाधान की दिशा में अहम कदम उठाया है। सरकार ने डीए/डीआर (महंगाई भत्ता/महंगाई राहत) और वेतन आयोग के बकाए की समीक्षा के लिए एक कैबिनेट सब कमेटी के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं।

जारी अधिसूचना के मुताबिक, इस कैबिनेट सब कमेटी की अध्यक्षता वित्त मंत्री हरपाल चीमा करेंगे। कमेटी में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डा बलजीत कौर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सरकार ने इस कमेटी को व्यापक अधिकार दिए हैं ताकि कर्मचारियों से जुड़े वेतन और भत्तों के जटिल मामलों का गहन अध्ययन किया जा सके।

 

कमेटी का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2011 के वेतन संशोधनों, सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के आधार पर लागू वेतनमान और हाल ही में न्यायालय द्वारा दिए गए डा सौरभ शर्मा केस के फैसलों के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा करना है। इसके तहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाले भत्तों, वेतन संरचना और बकाया भुगतान से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

इसके साथ ही कमेटी राज्य पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ का भी विस्तृत आकलन करेगी। विशेष रूप से 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक की अवधि के दौरान संशोधित वेतन और पेंशन के बकाए के भुगतान से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले असर का अध्ययन किया जाएगा। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि राज्य पहले से ही वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है।

 

सरकार का मानना है कि कर्मचारियों के हितों और राज्य की आर्थिक स्थिति के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से कमेटी सभी तथ्यों, आंकड़ों और कानूनी पहलुओं का विश्लेषण करने के बाद अपनी सिफारिशें तैयार करेगी।

अधिसूचना के अनुसार, कैबिनेट सब कमेटी अपनी रिपोर्ट मंत्रिपरिषद के समक्ष पेश करेगी, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। माना जा रहा है कि कमेटी की सिफारिशें आने के बाद ही डीए/डीआर और वेतन बकाए को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाएगा।

 

कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का यह कदम कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, हालांकि अंतिम राहत मिलने में अभी समय लग सकता है।

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