Live Updates
प्रधानमंत्री राम मंदिर में चंदा चोरी के असली गुनहगारों को बचा रहे हैं?- केजरीवालजमीन मालिकों के लिए खुशखबरी, नई लैंड पूलिंग नीति को मंजूरीसमय पर उपचार के लिए पैसों की व्यवस्था न होने के कारण अब कोई भी परिवार अपने सदस्य को नहीं खोएगा — डॉ. बलबीर सिंहमुकेरियां में कांग्रेस को बड़ा झटका, कई सीनियर नेता आप में हुए शामिलशिरोमणि अकाली दल को बड़ा झटका, पूर्व विधायक वरिंदर कौर लूंबा और करण सिंह DTO सैकड़ों समर्थकों के साथ AAP में शामिलमहिलाओं के बैंक खातों में आए 1000 रुपयेश्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के 891 दिन हो गए, लेकिन अमित शाह रामलला के दर्शन करने नहीं गए, क्यों?- केजरीवालप्रधानमंत्री राम मंदिर में चंदा चोरी के असली गुनहगारों को बचा रहे हैं?- केजरीवालजमीन मालिकों के लिए खुशखबरी, नई लैंड पूलिंग नीति को मंजूरीसमय पर उपचार के लिए पैसों की व्यवस्था न होने के कारण अब कोई भी परिवार अपने सदस्य को नहीं खोएगा — डॉ. बलबीर सिंहमुकेरियां में कांग्रेस को बड़ा झटका, कई सीनियर नेता आप में हुए शामिलशिरोमणि अकाली दल को बड़ा झटका, पूर्व विधायक वरिंदर कौर लूंबा और करण सिंह DTO सैकड़ों समर्थकों के साथ AAP में शामिलमहिलाओं के बैंक खातों में आए 1000 रुपयेश्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के 891 दिन हो गए, लेकिन अमित शाह रामलला के दर्शन करने नहीं गए, क्यों?- केजरीवाल
1 min read

चंडीगढ़-मोहाली समेत 19 ठिकानों पर ED की रेड: IDFC बैंक घोटाला, 90 बैंक खाते फ्रीज

हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ नगर निगम और अन्य सरकारी खातों से जुड़े करीब 597 करोड़ रुपए के IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED की चंडीगढ़ जोनल ऑफिस टीम ने 12 मार्च को चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला, गुरुग्राम और बेंगलुरु में 19 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि सरकारी धन को बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखने की बजाय आरोपियों ने बिना अनुमति के इन पैसों को अलग-अलग खातों और फर्जी कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया। बैंक के पूर्व कर्मचारियों पर आरोप इस मामले में IDFC फर्स्ट बैंक के पूर्व कर्मचारी रिभव ऋषि और अभय कुमार के ठिकानों के अलावा उनके परिवार के सदस्यों, कई शेल कंपनियों और कारोबारियों के यहां भी तलाशी ली गई। जिन कंपनियों की जांच की गई उनमें स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज, मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर्स और एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इसके अलावा सॉवन ज्वैलर्स समेत कुछ ज्वैलर्स और रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा से जुड़ी कंपनियों की भी जांच की गई। सोना खरीद के नाम पर घुमाया गया पैसा जांच में पता चला कि आरोपियों ने पहले स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स नाम की शेल कंपनी बनाई और सरकारी धन को उसमें ट्रांसफर किया। इसके बाद इस पैसे को ज्वैलर्स के बैंक खातों के जरिए घुमाया गया और फर्जी बिल बनाकर सोना खरीदने का दिखावा किया गया। ED के मुताबिक यह घोटाला पिछले करीब एक साल से चल रहा था और इसमें बैंक के पूर्व कर्मचारियों की मदद ली गई। रिभव ऋषि ने जून 2025 में बैंक से इस्तीफा दे दिया था। होटल कारोबारी और बिल्डर की भी जांच जांच में यह भी सामने आया कि मोहाली के होटल कारोबारी और रियल एस्टेट डेवलपर विक्रम वाधवा के खातों में भी इस घोटाले का पैसा पहुंचा। बाद में यह रकम प्रिज्मा रेजिडेंसी LLP, किनस्पायर रियल्टी LLP और मार्टेल बिल्डवेल LLP जैसी कंपनियों में ट्रांसफर की गई। छापेमारी के दौरान विक्रम वाधवा नहीं मिला और वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है। 90 से ज्यादा बैंक खाते फ्रीज ईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान 90 से ज्यादा बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। साथ ही डिजिटल और दस्तावेजी सबूत भी जब्त किए गए हैं। ईडी के अनुसार इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और खुलासे हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *