Live Updates
बेअदबी के दोषियों को 15 साल तक शरण देने वालों को संगत कभी माफ नहीं कर सकती-CM भगवंत सिंह मानजो ‘राम‘ के ना हुए, वो ‘राष्ट्र’ के क्या होंगे, चंदा चोर पार्टी का सामाजिक बहिष्कार हो- केजरीवालगांवों का सर्वांगीण विकास ही पंजाब को देशभर में नंबर एक राज्य बनाएगा: CM भगवंत सिंह मानCM भगवंत सिंह मान ने समाना में खेल स्टेडियम की आधारशिला रखी; नशे के खिलाफ खेलों को सबसे प्रभावी हथियार बतायाआप सरकार की जन हितैषी नीतियों से हर परिवार के घर और खेती के खर्चे कम हुए हैं: CM भगवंत सिंह मानधालीवाल ने भाजपा पर सहयोग न करने का आरोप लगाया, कहा- केंद्र सरकार नहीं चाहती कि पंजाब से नशा खत्म होपंजाब सरकार का बड़ा फैसला, 1 जुलाई से सरकारी दफ्तर फिर पुराने समय के अनुसार खुलेंगेबेअदबी के दोषियों को 15 साल तक शरण देने वालों को संगत कभी माफ नहीं कर सकती-CM भगवंत सिंह मानजो ‘राम‘ के ना हुए, वो ‘राष्ट्र’ के क्या होंगे, चंदा चोर पार्टी का सामाजिक बहिष्कार हो- केजरीवालगांवों का सर्वांगीण विकास ही पंजाब को देशभर में नंबर एक राज्य बनाएगा: CM भगवंत सिंह मानCM भगवंत सिंह मान ने समाना में खेल स्टेडियम की आधारशिला रखी; नशे के खिलाफ खेलों को सबसे प्रभावी हथियार बतायाआप सरकार की जन हितैषी नीतियों से हर परिवार के घर और खेती के खर्चे कम हुए हैं: CM भगवंत सिंह मानधालीवाल ने भाजपा पर सहयोग न करने का आरोप लगाया, कहा- केंद्र सरकार नहीं चाहती कि पंजाब से नशा खत्म होपंजाब सरकार का बड़ा फैसला, 1 जुलाई से सरकारी दफ्तर फिर पुराने समय के अनुसार खुलेंगे
1 min read

पंजाबी अपनी मातृभाषा पर किसी भी हमले को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे: बलतेज पन्नू

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने केंद्र की भाजपा सरकार के पंजाब के आर्मी स्कूलों में संस्कृत को ज़रूरी और पंजाबी को ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाने के फैसले की निंदा की और इसे पंजाब विरोधी सोच का प्रतीक बताया।

 

पन्नू ने कहा कि भाजपा लगातार पंजाब के हक और उसकी विरासत पर डाका डालने की कोशिश कर रही है, जिसे राज्य के लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

 

पन्नू ने कहा कि भाजपा के पंजाब विरोधी फैसले हमेशा चर्चा और विवाद का विषय रहे हैं। चाहे वह पंजाब के गांवों को उजाड़कर बनाए गए चंडीगढ़ को पूरी तरह अपने अधीन करने की साजिश हो, पंजाब यूनिवर्सिटी को हरियाणा के कंट्रोल में लाने की कोशिश हो या बीबीएमबी का मैनेजमेंट केंद्र के हाथों में सौंपने की बात हो, भाजपा ने हर कदम पर पंजाब को कमजोर करने का काम किया है। अब मिलिट्री स्कूलों में पंजाबी भाषा की अहमियत कम करके केंद्र ने अपनी छोटी सोच का एक और सबूत पेश किया है।

 

उन्होंने साफ किया कि हम किसी भाषा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पंजाबी भाषा को पंजाब की धरती पर दूसरे नंबर पर धकेलना मंजूर नहीं है। हम अपनी ‘मातृभाषा’ को प्राथमिकता देने वाले लोग हैं और इसके सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक डटकर लड़ने को तैयार हैं। यह फैसला न सिर्फ भाषाई भेदभाव है बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक जड़ों को काटने की गहरी साजिश भी है। पन्नू ने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार को इस जनविरोधी और पंजाब विरोधी फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। पंजाबी हमेशा अपनी मातृभाषा के अपमान के खिलाफ एकजुट रहे हैं और भविष्य में भी केंद्र की इन तानाशाही नीतियों का कड़ा विरोध जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *